
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना पर सवाल (IMG: Dynamite News)
Budaun: मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आयोजित विवाह समारोह में उस समय सवाल खड़े हो गए, जब नवविवाहित जोड़ों को दिए जा रहे घरेलू सामान की गुणवत्ता को लेकर लाभार्थियों और उनके परिजनों ने नाराजगी जताई। आरोप है कि करीब 21 हजार रुपये के बजट में दिए जाने वाले सामान की जगह बेहद घटिया गुणवत्ता के गद्दे, बर्तन और अन्य घरेलू सामान वितरित किया जा रहा है। मामले का वीडियो सामने आने के बाद अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
बदायूं में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आयोजित समारोह में नवविवाहित जोड़ों को सरकार की ओर से निर्धारित सामान वितरित किया जा रहा था। इसी दौरान सामान की गुणवत्ता को लेकर लाभार्थियों और उनके परिजनों ने आपत्ति जताई। लाभार्थियों का आरोप है कि योजना के तहत प्रत्येक जोड़े को घरेलू सामान उपलब्ध कराने के लिए करीब 21 हजार रुपये का बजट निर्धारित है। हालांकि, समारोह में जो सामान दिया जा रहा है, उसकी गुणवत्ता बेहद खराब है। खास तौर पर गद्दों को लेकर लोगों ने सवाल उठाए।
मामले में लाभार्थियों की ओर से टेंडर की दर को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप लगाया गया है कि सामान की खरीद का टेंडर काफी कम दर पर हुआ है, जिसके कारण ठेकेदार की ओर से कम गुणवत्ता वाला सामान उपलब्ध कराया जा रहा है। हालांकि, टेंडर किस दर पर हुआ, किस फर्म को काम दिया गया और सामान की निर्धारित गुणवत्ता क्या थी, इन सवालों का आधिकारिक जवाब सामने आना अभी बाकी है। ऐसे में पूरे मामले की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वास्तव में सामान निर्धारित मानकों के अनुरूप है या नहीं।
सामान की गुणवत्ता को लेकर जब जिला समाज कल्याण अधिकारी मीनाक्षी वर्मा से सवाल पूछा गया तो उनका जवाब नहीं मिला। सामने आए वीडियो में एक पत्रकार अधिकारी से पूछता दिखाई देता है कि, "मैम, ये जो गद्दे आए हैं, इनकी क्वालिटी यही है?" आरोप है कि अधिकारी ने सवाल का जवाब देने के बजाय हाथ से इशारा करते हुए बात को टाल दिया और आगे बढ़ गईं। पत्रकार ने जब उनसे कहा कि मीडिया को इस बारे में जानकारी देनी होगी, तब भी अधिकारी की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी गई।
मामले के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और लाभार्थियों ने जिलाधिकारी बदायूं से पूरे प्रकरण की जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि योजना के तहत वितरित किए जा रहे सामान की गुणवत्ता की जांच होनी चाहिए और यदि सामान निर्धारित मानकों से कम पाया जाता है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जानी चाहिए। लाभार्थियों ने यह भी मांग की है कि सामान की खरीद, टेंडर प्रक्रिया और ठेकेदार की भूमिका की जांच कराई जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सरकारी बजट के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण सामान खरीदा और वितरित किया गया या नहीं।
Location : Budaun
Published : 18 September 2026, 5:16 PM IST
Topics : Budaun News Chief Minister Mass Marriage Scheme Government Scheme UP Government Scheme Uttar Pradesh News