
प्रतीकात्मक छवि (Source: Pinterest )
Allahabad: इलाहाबाद उच्च न्यायालय में शुक्रवार को एक अजीबोगरीब मामला सामने आया। इस केस की हकीकत को जानकर जज भी दंग रहे गये। दरअसल, चंदा देवी नाम की एक जीवित महिला को सरकारी दस्तावेजों में मृत घोषित कर उसका राशन बंद कर दिया गया था। केस की हकीकत सामने आने पर कोर्ट ने मामले से संबंधित सरकारी अफसरों को तलब किया है।
मामला प्रयागराज की हंडिया तहसील के प्रतापपुर ब्लॉक स्थित वारी गांव का है। नागरिक आपूर्ति विभाग ने सरकारी अभिलेखों के आधार पर चंदा देवी को मृत मानते हुए उनका राशन कार्ड रद्द कर दिया। इसके बाद चंदा देवी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा कि वह जीवित हैं और उनका राशन कार्ड बहाल किया जाए।
मामले की सुनवाई जस्टिस जे.जे. मुनीर और जस्टिस इंद्रजीत शुक्ला की खंडपीठ ने की। अदालत ने देखा कि जिस महिला को सरकारी रिकॉर्ड में मृत बताया गया है, वही महिला स्वयं अदालत में मौजूद होकर न्याय की गुहार लगा रही है। इस स्थिति पर अदालत ने गंभीर चिंता जताई और इसे प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर मामला माना।
हाईकोर्ट ने प्रयागराज के जिलाधिकारी (DM), जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) और वारी गांव के ग्राम प्रधान को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। साथ ही चंदा देवी को भी अदालत में उपस्थित रहने के लिए कहा गया है।
अदालत ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे यह सत्यापित करें कि चंदा देवी स्वर्गीय साधुराम की विधवा हैं या नहीं। साथ ही यह भी स्पष्ट करें कि आखिर किस आधार पर एक जीवित महिला को सरकारी रिकॉर्ड में मृत दर्ज कर दिया गया और राशन कार्ड निरस्त कर दिया गया। मामले की अगली सुनवाई में अधिकारियों को विस्तृत जवाब देना होगा।
Location : Allahabad
Published : 31 July 2026, 11:34 AM IST