पहले सांप-भालू, अब 10 तेंदुओं की खाल… आगरा में किस बड़े वन्यजीव तस्करी नेटवर्क की तलाश में जुटीं एजेंसियां?

पहले सांप, भालू और कछुओं की तस्करी... अब 10 तेंदुओं की खाल बरामद होने के बाद Agra Leopard Skin Smuggling केस ने जांच एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। आखिर इस अवैध कारोबार के पीछे कौन है और क्या इसका अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन है? पूरी कहानी जानने के लिए पढ़िए पूरी खबर।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 25 July 2026, 11:25 AM IST

Agra: आगरा का नाम अब सिर्फ ऐतिहासिक धरोहरों तक सीमित नहीं रह गया है। पिछले कुछ वर्षों में यहां सांपों की खाल और जहर, भालू की तस्करी और दुर्लभ कछुओं के अवैध कारोबार का खुलासा हो चुका है। अब Agra Leopard Skin Smuggling मामले ने जांच एजेंसियों की चिंता और बढ़ा दी है। पहली बार आगरा में एक साथ 10 तेंदुओं की खाल और उनके सिर बरामद होने के बाद वन विभाग, पुलिस और अन्य एजेंसियां पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुट गई हैं।

चार तस्कर गिरफ्तार, रिमांड पर पूछताछ जारी

वन विभाग की संयुक्त टीम ने चार वन्यजीव तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान मध्य प्रदेश के भोगीराम आदिवासी, मुरैना निवासी गब्बर, और हरियाणा के पलवल निवासी भगत सिंह व मोहना निवासी सतपाल के रूप में हुई है।

शुक्रवार को चारों आरोपियों से करीब पांच घंटे तक पूछताछ की गई। अधिकारियों के मुताबिक, पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं, जिनके आधार पर अब पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।

मध्य प्रदेश से शिकार, आगरा बना सबसे बड़ा ट्रांजिट प्वाइंट

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी मध्य प्रदेश के श्योपुर क्षेत्र में तेंदुओं का शिकार करते थे। इसके बाद उनकी खाल और अन्य अंग दिल्ली तथा हरियाणा में सप्लाई किए जाते थे।

जांच में यह भी सामने आया कि एक्सप्रेसवे, राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलवे नेटवर्क के कारण आगरा इस अवैध कारोबार का अहम ट्रांजिट प्वाइंट बन गया था। मध्य प्रदेश से आने के बाद तस्करों का पहला पड़ाव अक्सर आगरा ही होता था।

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अंतरराष्ट्रीय लिंक की भी जांच

Agra Leopard Skin Smuggling मामले में वन विभाग अब वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (WCCB) और मध्य प्रदेश एसटीएफ की मदद ले रहा है। अधिकारियों की योजना आरोपियों को मध्य प्रदेश के उन स्थानों पर ले जाकर सीन री-क्रिएट कराने की है, जहां कथित रूप से तेंदुओं का शिकार किया गया।

डीएफओ राजेश कुमार ने बताया कि यह मामला किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्करी नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। इसलिए हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है।

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होटल में डील से पहले दबोचे गए आरोपी

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे तेंदुओं की खाल और सिर लेकर आगरा के सैंया क्षेत्र स्थित बीरई के एक होटल में बिक्री के लिए रुके थे। इसी दौरान वाइल्ड लाइफ एसओएस से मिली सूचना के आधार पर वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर चारों को गिरफ्तार कर लिया।

अब एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन वन्यजीवों की खाल की अंतिम खरीदारी कौन करता था और यह नेटवर्क देश की सीमाओं से बाहर तक फैला है या नहीं।

Location :  Agra

Published :  25 July 2026, 11:25 AM IST