SEBI ने गोल्ड और सिल्वर ETF नियमों में बदलाव का प्रस्ताव दिया। डायनेमिक प्राइस बैंड से मिसप्राइसिंग कम होगी और निवेशकों को मिलेगा फायदा। जानिए पूरा अपडेट।

गोल्ड (Img Source: Google)
New Delhi: सोने और चांदी में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए अहम खबर है। बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने गोल्ड और सिल्वर ETF (एक्सचेंज ट्रेडेड फंड) से जुड़े नियमों में बदलाव का प्रस्ताव रखा है। इसका उद्देश्य ETF के ट्रेडिंग प्राइस और वास्तविक धातु के मूल्य (NAV) के बीच के अंतर को कम करना है। हाल के दिनों में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला है, जिसका असर ETF की कीमतों पर भी पड़ा है।
सोना और चांदी वैश्विक बाजार में लगभग पूरे दिन कारोबार करते हैं, जबकि भारत में ETF की खरीद-बिक्री सीमित ट्रेडिंग घंटों में होती है। इस वजह से ETF की कीमत कई बार वास्तविक एसेट वैल्यू से काफी अलग हो जाती है। इसी समस्या के समाधान के लिए 14 फरवरी 2026 को सात पन्नों का एक कंसल्टेशन पेपर जारी किया गया है, जिसमें डायनेमिक प्राइस बैंड लागू करने का सुझाव दिया गया है।
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प्रस्ताव के अनुसार, एक ट्रेडिंग दिन में फ्लेक्स केवल दो बार ही दिया जाएगा। इसके लिए कम से कम 50 ट्रेड, 10 अलग-अलग क्लाइंट कोड और तीन ट्रेडिंग मेंबर्स की भागीदारी जरूरी होगी। साथ ही, गोल्ड और सिल्वर ETF के लिए अलग से प्री-ओपन सेशन शुरू करने का भी सुझाव दिया गया है, ताकि अंतरराष्ट्रीय कीमतों के साथ बेहतर तालमेल बैठाया जा सके।
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विशेषज्ञों का मानना है कि इन नए नियमों के लागू होने से ETF की कीमतें वास्तविक बाजार मूल्य के अधिक करीब रहेंगी। इससे ट्रेडिंग अधिक सटीक, सुरक्षित और पारदर्शी बनेगी। मिसप्राइसिंग कम होने से निवेशकों को उचित मूल्य पर खरीद-बिक्री का मौका मिलेगा। साथ ही, यह कदम डिजिटल गोल्ड और सिल्वर निवेश में भरोसा बढ़ाने में भी मददगार साबित हो सकता है।