
प्रतीकात्मक छवि (Img- Pinterest)
New Delhi: देश में आम उपभोक्ताओं को रसोई गैस की कीमतों में आज भी कोई बदलाव देखने को नहीं मिला है। आम जनता को लंबे समय से उम्मीद है कि जिस तरह हाल-फिलहाल में कमर्शियल सिलेंडर के दामों में कटौती की गई है, ठीक उसी तरह घरेलू गैस सिलेंडर (14.2 किलोग्राम) की कीमतों में भी कुछ राहत दी जाएगी।
वर्तमान में देश की राजधानी दिल्ली में घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमत 942 रुपये बनी हुई है। वहीं दूसरी ओर, 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में बीते 1 जुलाई को 183.50 रुपये की बड़ी कटौती की गई थी, जिसके बाद दिल्ली में इसका भाव अब 2930 रुपये के स्तर पर आ गया है।
देश के अलग-अलग राज्यों और शहरों में टैक्स व ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट के कारण एलपीजी की कीमतें भिन्न हैं। आज देश के प्रमुख शहरों में कीमतें कुछ इस प्रकार हैं:
दिल्ली: घरेलू सिलेंडर 942.0 रुपये, कमर्शियल 2930.0 रुपये
मुंबई: घरेलू सिलेंडर 941.5 रुपये, कमर्शियल 2885.5 रुपये
कोलकाता: घरेलू सिलेंडर 968.0 रुपये, कमर्शियल 3082.0 रुपये
चेन्नई: घरेलू सिलेंडर 957.5 रुपये, कमर्शियल 3106.0 रुपये
हैदराबाद: घरेलू सिलेंडर 934.0 रुपये, कमर्शियल 2052.5 रुपये
LPG Cylinder Price: जुलाई की शुरुआत में बड़ा सरप्राइज, गैस सिलिंडर सस्ता; लेकिन राहत किसे मिली?
कोलकाता और भुवनेश्वर में इस समय घरेलू सिलेंडर की कीमत सबसे ज्यादा 968 रुपये प्रति सिलेंडर चल रही है।
ग्लोबल मार्केट से भारत के लिए एक अच्छी खबर आ रही है। सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से होकर तेल टैंकरों की आवाजाही में आए सुधार और अमेरिका द्वारा बनाए गए सुरक्षित कॉरिडोर के कारण वैश्विक आपूर्ति सुधरी है। इसके साथ ही OPEC+ देशों द्वारा अगस्त से प्रोडक्शन बढ़ाने के फैसले के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमत टूटकर 72 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई है।
वहीं, वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी गिरकर 68 डॉलर प्रति बैरल की रेंज में आ गया है। ओपेक प्लस देशों ने जुलाई-अगस्त से बाजार में रोजाना 1,88,000 बैरल अतिरिक्त तेल उतारने का फैसला किया है, जिससे आने वाले समय में क्रूड और सस्ता हो सकता है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद भारतीय उपभोक्ताओं को तुरंत पेट्रोल-डीजल या एलपीजी के दामों में कटौती देखने को नहीं मिलेगी। तेल विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में वर्तमान में जो एलपीजी गैस और ईंधन बेचा जा रहा है, उसे तेल कंपनियों ने पहले ऊंचे दामों पर खरीदा था।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खरीदे गए नए और सस्ते स्टॉक को भारत पहुंचने, प्रोसेस होने और रिफाइनरी से बाजार तक आने में समय लगता है। अगर कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक इसी निचले स्तर पर टिकी रहती हैं, तो जुलाई के अंत या अगस्त की शुरुआत में घरेलू गैस सिलेंडर और पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बड़ी कटौती की उम्मीद की जा सकती है।
Location : New Delhi
Published : 6 July 2026, 10:34 AM IST