वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और मजबूत डॉलर के दबाव के बीच भारत में सोने की कीमतों में मामूली गिरावट देखी गई है। हालांकि बाजार में अस्थिरता बनी हुई है, लेकिन निवेशक अभी भी इसे सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में प्राथमिकता दे रहे हैं।

भारत में सोने की कीमतों में मामूली गिरावट (फोटो सोर्स- इंटरनेट)
New Delhi: वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत में आज सोने की कीमतों में मामूली गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि गिरावट बहुत सीमित रही, लेकिन बाजार में अस्थिरता का माहौल अभी भी बना हुआ है। निवेशकों की नजरें अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं, जिससे सोने की चाल प्रभावित हो रही है।
ताजा आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोने की कीमत 15,027 रुपये प्रति ग्राम रही, जिसमें 1 रुपये की हल्की गिरावट दर्ज की गई। वहीं 22 कैरेट सोना 13,774 रुपये प्रति ग्राम पर पहुंच गया, जबकि 18 कैरेट सोने का भाव 11,270 रुपये प्रति ग्राम रहा।
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पश्चिम एशिया में जारी तनाव, खासकर ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच बढ़ती टकराव की स्थिति, वैश्विक बाजारों को प्रभावित कर रही है। इसका असर कच्चे तेल की कीमतों से लेकर सोने जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों पर भी देखा जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अस्थिरता बढ़ती है, तो निवेशक सोने की ओर रुख करते हैं। यही वजह है कि मामूली गिरावट के बावजूद सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को नहीं मिल रही।
प्रतीकात्मक छवि (फोटो सोर्स- इंटरनेट)
अमेरिकी डॉलर की मजबूती और फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति को लेकर संकेत भी सोने की कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं। जब डॉलर मजबूत होता है, तो सोना महंगा पड़ता है, जिससे मांग पर असर पड़ता है। इसी कारण MCX पर भी सोने और चांदी की कीमतों में दबाव देखा गया है।
सोना हमेशा से एक सुरक्षित निवेश (safe-haven) विकल्प माना जाता रहा है। आर्थिक अनिश्चितता, मुद्रास्फीति और मुद्रा में उतार-चढ़ाव के दौरान निवेशक इसमें पैसा लगाना पसंद करते हैं। मौजूदा हालात में भी यही ट्रेंड देखने को मिल रहा है।
संस्थागत निवेशकों के साथ-साथ खुदरा निवेशक भी अपने पोर्टफोलियो को सुरक्षित रखने के लिए सोने में निवेश बढ़ा रहे हैं। इससे कीमतों को एक आधार मिल रहा है, भले ही दैनिक उतार-चढ़ाव जारी रहे।
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बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में सोने की कीमतें वैश्विक घटनाओं पर निर्भर रहेंगी। यदि भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है, तो कीमतों में तेजी देखी जा सकती है। वहीं, अगर हालात सामान्य होते हैं, तो कुछ गिरावट संभव है।
निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे जल्दबाजी में निर्णय न लें और बाजार के संकेतों पर नजर बनाए रखें। लंबी अवधि के निवेश के लिहाज से सोना अभी भी एक मजबूत विकल्प माना जा रहा है।