कोल इंडिया की सहायक कंपनी CMPDI की आज शेयर बाजार में एंट्री हो रही है, लेकिन सुस्त GMP और कमजोर डिमांड ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। क्या लिस्टिंग के दिन बड़ा मुनाफा होगा या उम्मीदों पर फिरेगा पानी? जानिये एक्सपर्ट्स की राय और क्या होनी चाहिए निवेशकों की रणनीति।

CMPDI IPO लॉन्च ( Source: Google)
Mumbai: भारतीय शेयर बाजार के लिए आज का दिन काफी अहम है। कोल इंडिया की महत्वपूर्ण सहायक कंपनी, सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट लिमिटेड (CMPDI), आज यानी सोमवार को घरेलू शेयर बाजारों में अपनी पारी की शुरुआत करने जा रही है। 1,842.12 करोड़ रुपये के इस आईपीओ पर निवेशकों की नजरें टिकी हुई हैं, लेकिन ग्रे मार्केट के संकेत बहुत उत्साहजनक नहीं दिख रहे हैं।
आधिकारिक सूचना के अनुसार, CMPDI के शेयरों की लिस्टिंग आज, 30 मार्च 2026 को होने जा रही है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) दोनों ही प्लेटफॉर्म पर ये शेयर 'B' ग्रुप की सिक्योरिटीज लिस्ट में शामिल होंगे। सुबह 9:00 बजे से 10:00 बजे के बीच एक विशेष प्री-ओपन सेशन (SPOS) आयोजित किया जाएगा, जिसके तुरंत बाद 10:00 बजे से नियमित ट्रेडिंग शुरू हो जाएगी।
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अगर ग्रे मार्केट की बात करें, तो निवेशकों के लिए यहां से थोड़ी निराशाजनक खबर आ रही है। आज सोमवार सुबह CMPDI का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) महज 5 रुपये प्रति शेयर देखा जा रहा है। पिछले कुछ दिनों के रुझान को देखें तो ग्रे मार्केट में वह हलचल नहीं दिखी जिसकी उम्मीद निवेशक कर रहे थे। सुस्त GMP इस बात का संकेत दे रहा है कि लिस्टिंग के वक्त निवेशकों को बहुत बड़ा 'लिस्टिंग गेन' मिलने की संभावना कम है।
इस आईपीओ का अपर प्राइस बैंड 172 रुपये तय किया गया था। वर्तमान GMP (5 रुपये) को जोड़कर देखें, तो CMPDI की अनुमानित लिस्टिंग प्राइस 177 रुपये के आसपास हो सकती है। यह इसके इश्यू प्राइस के मुकाबले मात्र 2.91% का प्रीमियम है। हालांकि, बाजार के जानकारों का मानना है कि लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर्स के लिए कंपनी के फंडामेंटल्स ज्यादा मायने रखेंगे, भले ही लिस्टिंग के दिन मुनाफा कम दिखे।
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बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अनलिस्टेड मार्केट में कमजोर मांग और सुस्त सेंटीमेंट के चलते CMPDI की लिस्टिंग फ्लैट या बेहद मामूली प्रीमियम पर होने की संभावना है। रिटेल और गैर-संस्थागत निवेशकों के कम उत्साह के कारण लिस्टिंग के दिन बड़े मुनाफे की गुंजाइश सीमित दिख रही है, इसलिए निवेशकों को शॉर्ट-टर्म मुनाफे के बजाय लंबी अवधि के नजरिए से ही बने रहना चाहिए।
CMPDI का आईपीओ 20 मार्च से 24 मार्च के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस पूरी तरह से 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) वाले इश्यू को मिला-जुला रिस्पॉन्स मिला। NSE के आंकड़ों के मुताबिक, यह ओवरऑल 1.05 गुना सब्सक्राइब हुआ। इसमें सबसे अधिक दिलचस्पी संस्थागत निवेशकों (QIBs) ने दिखाई, जिनका हिस्सा 3.48 गुना भरा गया। वहीं रिटेल और गैर-संस्थागत निवेशकों का कोटा पूरी तरह से नहीं भर पाया था।
इस सार्वजनिक निर्गम की जिम्मेदारी IDBI कैपिटल मार्केट्स सर्विसेज और केफिन टेक्नोलॉजीज (रजिस्ट्रार) के कंधों पर थी। अब देखना यह होगा कि बाजार खुलने पर निवेशक इस सरकारी कंपनी के प्रति कैसा रुख अपनाते हैं।