UPSC News: पहली बार में DANIPS, फिर IRS और आखिरकार IPS, जानिए गुरसिमरत सिंह ढिल्लों की सफलता की कहानी

IPS Gursimrat Singh Dhillon Success Story: पंजाब के पटियाला निवासी गुरसिमरत सिंह ढिल्लों ने MBBS किया और राष्ट्रीय स्तर पर बास्केटबॉल खेला। DANIPS और IRS में चयन के बाद उन्होंने प्रयास जारी रखे और आखिरकार IPS अधिकारी बने।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 26 October 2026, 6:20 PM IST

New Delhi: यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा को देश की सबसे चुनौतीपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं में गिना जाता है। हर साल हजारों युवा इसमें सफलता पाने का सपना देखते हैं, लेकिन पंजाब के गुरसिमरत सिंह ढिल्लों की कहानी कई मायनों में अलग है।

उन्होंने एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की, राष्ट्रीय स्तर पर बास्केटबॉल खेला और पुलिस सेवा में जाने के लिए लगातार प्रयास किए। उनकी सफलता की कहानी एक बार फिर चर्चा में आई, जब उनके मामा और सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी गुरिंदर सिंह ढिल्लों की सोशल मीडिया पोस्ट के बाद लोगों का ध्यान उनकी उपलब्धियों पर गया।

पटियाला में जन्म, मेडिकल कॉलेज से हासिल की एमबीबीएस डिग्री

गुरसिमरत सिंह ढिल्लों पंजाब के पटियाला के रहने वाले हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई आवर लेडी ऑफ फातिमा कॉन्वेंट सेकेंडरी स्कूल से पूरी की। इसके बाद उन्होंने सरकारी मेडिकल कॉलेज, पटियाला से एमबीबीएस की डिग्री हासिल की और डॉक्टर बने।

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उनके माता-पिता भी पेशे से डॉक्टर हैं। चिकित्सा क्षेत्र से जुड़ी पृष्ठभूमि होने के बावजूद उन्होंने आगे चलकर पुलिस सेवा में अपना करियर बनाने का फैसला किया। उनकी कहानी शिक्षा, खेल और प्रशासनिक सेवा के बीच संतुलन बनाने की मिसाल के रूप में देखी जा रही है।

राष्ट्रीय स्तर पर बास्केटबॉल खेल चुके हैं गुरसिमरत

गुरसिमरत सिंह ढिल्लों की पहचान केवल एक डॉक्टर या आईपीएस अधिकारी के रूप में नहीं है। वह राष्ट्रीय स्तर पर बास्केटबॉल भी खेल चुके हैं। खेल के दौरान अनुशासन, नियमित अभ्यास और टीम के साथ काम करने का अनुभव उनके व्यक्तित्व का हिस्सा बना।

MBBS के बाद चुनी पुलिस सेवा (Img- X)

एमबीबीएस पूरा करने के बाद उन्होंने सिविल सेवा की तैयारी शुरू की। उनके मामा गुरिंदर सिंह ढिल्लों पंजाब पुलिस में एडीजीपी के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। माना जाता है कि परिवार में पुलिस सेवा से जुड़े अनुभव ने भी उन्हें इस दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

UPSC के पहले प्रयास में मिली सफलता, फिर जारी रखी तैयारी

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, गुरसिमरत ने 2021 में पहली बार यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा दी और सफलता हासिल की। इसके बाद उनका चयन DANIPS कैडर में हुआ और उन्होंने दिल्ली में असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस के रूप में काम किया। आगे चलकर उन्होंने यूपीएससी के अन्य प्रयास भी किए और भारतीय राजस्व सेवा यानी IRS में भी चयनित हुए। हालांकि, उनका लक्ष्य भारतीय पुलिस सेवा में शामिल होना था, इसलिए उन्होंने तैयारी जारी रखी।

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चौथे प्रयास में IPS बनने का सपना हुआ पूरा

लगातार प्रयासों के बाद गुरसिमरत सिंह ढिल्लों को आखिरकार आईपीएस सेवा में जगह मिली। दी गई जानकारी के मुताबिक, उन्हें 2025 बैच में पंजाब कैडर आवंटित हुआ। उनका मानना है कि पंजाब और देश को ऐसे पुलिस अधिकारियों की जरूरत है, जो ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ जनता की सेवा करें। डॉक्टर से आईपीएस अधिकारी बनने तक का उनका सफर बताता है कि करियर में दिशा बदलने और लक्ष्य के लिए लगातार मेहनत करने का फैसला व्यक्ति को नई राह तक ले जा सकता है।

Location :  New Delhi

Published :  26 October 2026, 6:20 PM IST