Samastipur Encounter: प्रिंस कुमार के ‘हाफ एनकाउंटर’ पर परिजनों का फूटा गुस्सा, पुलिस की थ्योरी को बताया झूठा

समस्तीपुर में लूटकांड के आरोपी प्रिंस कुमार के 'हाफ एनकाउंटर' पर परिजनों ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पिता का आरोप है कि पुलिस ने उनके बेटे को घर से जबरन उठाकर झूठा एनकाउंटर किया है और वे मानवाधिकार आयोग जाएंगे।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 21 May 2026, 3:58 PM IST

Samastipur: बिहार के समस्तीपुर जिले से एक बार फिर पुलिसिया एनकाउंटर को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। उजियारपुर थाना क्षेत्र में हुए एक लूटकांड के आरोपी प्रिंस कुमार के पैर में पुलिस की गोली लगने यानी 'हाफ एनकाउंटर' के बाद हड़कंप मचा हुआ है। एक तरफ जहां पुलिस इसे आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई बता रही है, वहीं दूसरी तरफ घायल प्रिंस के परिजनों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रिंस के पिता पिंटू कुमार ने पुलिस की इस पूरी थ्योरी को सिरे से खारिज करते हुए इसे एक सोची-समझी साजिश और 'फर्जी एनकाउंटर' करार दिया है। इस मामले ने अब तूल पकड़ लिया है और पिता ने समस्तीपुर एसपी (SP) को आवेदन देकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

क्या है पुलिस की अधिकारिक कहानी और एनकाउंटर थ्योरी?

पुलिस द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, समस्तीपुर के उजियारपुर थाना इलाके में हाल ही में एक बड़ी लूट की वारदात को अंजाम दिया गया था। इस लूटकांड में कुल पांच अपराधी शामिल थे, जिनमें से पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर तीन बदमाशों प्रिंस कुमार, भूपेंद्र उर्फ देव, और लक्ष्मण कुमार दास को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने गनपॉइंट पर लूटपाट की बात कबूल की।

बदमाशों की निशानदेही पर जब पुलिस टीम भगवानपुर देसुआ गांव के एक बगीचे में छिपाकर रखे गए हथियार बरामद करने पहुंची, तो वहां छिपे अपराधियों ने पुलिस पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस का दावा है कि आत्मरक्षा में की गई जवाबी फायरिंग के दौरान एक गोली आरोपी प्रिंस कुमार के पैर में लगी और वह वहीं गिर गया, जबकि बाकी बदमाशों ने सरेंडर कर दिया। मौके से दो कट्टा, एक पिस्टल, जिंदा कारतूस, लूटी गई दो बाइक और सरायरंजन सीएसपी (CSP) लूट के ₹77,100 बरामद किए गए।

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'साल 2022 में भी फंसाया था, तब बेटा बंगलुरु में था'- पिता का सनसनीखेज दावा

इस पूरे मामले में नया मोड़ तब आया जब प्रिंस के पिता पिंटू ने मीडिया के सामने आकर पुलिस पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। पिता ने कहा, "मेरे बेटे प्रिंस को साल 2022 में भी पुलिस ने एक झूठे केस में जेल भेजा था। पुलिस ने उस वक्त जिस मामले में उसे गिरफ्तार किया, तब मेरा बेटा बंगलुरु में काम कर रहा था। बंगलुरु की लोकेशन और सबूतों के आधार पर ही कोर्ट ने मेरे बेटे को जमानत दी थी। अब पुलिस ने फिर से किसी और झूठे केस में मेरे बेटे को जानबूझकर फंसा दिया है।"

पिता ने आगे बताया कि पुलिस 19 मई को उनके बेटे को जबरन घर से उठाकर ले गई थी। जब उन्होंने गिरफ्तारी की वजह पूछी तो कोई जवाब नहीं मिला और अगली सुबह सीधे एनकाउंटर की खबर आई। पिता ने साफ कहा कि वे इस नाइंसाफी के खिलाफ वरिष्ठ अधिकारियों तक जाएंगे और मानवाधिकार आयोग (Human Rights Commission) में शिकायत दर्ज कराएंगे।

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'मेरा बेटा अपराधी नहीं, हाथ बंटाता है'- मां की भावुक अपील

एनकाउंटर में घायल प्रिंस फिलहाल सदर अस्पताल में उपचाराधीन है। दलसिंहसराय थाने के चकसेखु (वार्ड 14) के रहने वाले इस परिवार की माली हालत बेहद खराब है। दो कमरों के मकान में रहने वाले इस परिवार की आजीविका के बारे में बताते हुए प्रिंस की मां ने रोते हुए कहा, "मेरा बेटा कोई अपराधी नहीं है। वह तो अपने पिता के काम में हाथ बंटाता है और मैं खुद सिलाई करके घर चलाती हूं। मेरे बेटे पर लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह बेबुनियाद और झूठे हैं।" प्रिंस ने महज सातवीं कक्षा तक ही पढ़ाई की है। फिलहाल इस कथित मुठभेड़ के बाद समस्तीपुर पुलिस की कार्यशैली पर स्थानीय स्तर पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

Location :  Samastipur

Published :  21 May 2026, 3:58 PM IST