
प्रतीकात्मक छवि (सोर्स- AI)
Chhapra: "मैंने अपनी पैतृक जमीन बेचकर उसे पढ़ाया-लिखाया, नौकरी दिलवाई। लेकिन नौकरी मिलते ही उसके तेवर बदल गए। उसने न सिर्फ मेरी पूरी संपत्ति हड़प ली, बल्कि मुझे झूठे केस में फंसाकर जेल भी भिजवा दिया।" यह दर्दनाक दास्तान बिहार के सारण जिले से सामने आई है, जो हाजीपुर के चर्चित बीपीएससी शिक्षिका विवाद की याद दिलाती है। सारण के भगवान बाजार थाने में एक पीड़ित पति ने अपनी जीएनएम (नर्स) पत्नी, उसके कथित प्रेमी और ससुराल वालों के खिलाफ धोखाखड़ी, अवैध संबंध और जान से मारने की धमकी देने का एक गंभीर मामला दर्ज कराया है।
रोहतास जिले के नासरीगंज थाना क्षेत्र के घरी गांव निवासी कृष्ण कांत राम की शादी साल 2014 में पटना की रहने वाली मणिलता कुमारी से हुई थी। दोनों के तीन बच्चे (जुड़वां बेटियां और एक बेटा) हैं। कृष्ण कांत के मुताबिक, उन्होंने अपनी पत्नी को जीएनएम की पढ़ाई कराई, जिसके बाद साल 2020 में उसकी नौकरी सारण जिले के अमनौर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जीएनएम के पद पर लग गई।
पीड़ित का आरोप है कि नौकरी लगने के बाद साल 2021 से उसकी पत्नी का छपरा सदर अस्पताल में कार्यरत एक डाटा ऑपरेटर से प्रेम प्रसंग शुरू हो गया। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो पत्नी ने रिश्ता बनाए रखने के लिए मायके में जमीन और कार खरीदने की शर्त रख दी। घर बचाने की उम्मीद में कृष्ण कांत ने अपनी 15 कट्ठा पैतृक जमीन बेच दी और साल 2023 में पत्नी के नाम पर जमीन और करीब 3.45 लाख रुपये की स्विफ्ट डिजायर कार खरीद कर दे दी।
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इस वैवाहिक विवाद में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब पत्नी ने कृष्ण कांत को झांसे में लेकर अपनी जमीन बेचने के लिए गवाह बना लिया। 25 फरवरी 2026 को कृष्ण कांत इस जमीन की बिक्री के गवाह बने, लेकिन जमीन बेचने के बाद आई पूरी रकम पत्नी ने अपने पास रख ली। पीड़ित का आरोप है कि पैसे हाथ में आते ही पत्नी ने साफ कह दिया कि अब वह किसी और को अपना पति मानती है और उसके साथ नहीं रहना चाहती। इस तरह पीड़ित की करीब 21 लाख रुपये की गाढ़ी कमाई और संपत्ति हड़प ली गई।
कृष्ण कांत का आरोप है कि जब उन्होंने इस धोखाधड़ी का विरोध किया, तो पत्नी और उसके कथित प्रेमी ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। इतना ही नहीं, उनके खिलाफ भगवान बाजार थाने में मामला दर्ज कराकर उन्हें 18 दिनों के लिए जेल भिजवा दिया गया। बाद में एक समझौते के तहत उन्हें जमानत मिली।
पीड़ित ने आवेदन में बताया कि बीते 31 मई 2026 को उन्हें सदर अस्पताल बुलाकर प्रताड़ित किया गया और तलाक के कागजात पर दस्तखत करने का दबाव बनाया गया। जब उन्होंने इनकार किया, तो अगले ही दिन महिला थाने में उनके खिलाफ एक और झूठा मुकदमा दर्ज करवा दिया गया।
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बार-बार झूठे मुकदमों और धमकियों से तंग आकर अब पीड़ित पति ने पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। कृष्ण कांत ने भगवान बाजार थाना पुलिस से मांग की है कि इस पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए उनकी पत्नी और कथित प्रेमी के मोबाइल कॉल डिटेल्स, व्हाट्सएप चैट्स और सदर अस्पताल परिसर के सीसीटीवी फुटेज जैसे इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की गहनता से जांच की जाए। फिलहाल पुलिस पीड़ित के आवेदन के आधार पर मामले की जांच में जुट गई है, हालांकि अभी तक इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
Location : Chhapra
Published : 10 July 2026, 4:03 PM IST