EV की सुस्त मांग के चलते Aston Martin ने बदली रणनीति, जानें क्या है नया प्लान?

एस्टन मार्टिन ने अपनी पहली ऑल-इलेक्ट्रिक कार के लॉन्च को 2033 तक टाल दिया है। ग्लोबल मार्केट में ईवी की धीमी मांग के कारण कंपनी ने यह फैसला लिया है। हालांकि, रफ्तार के दीवानों के लिए राहत की बात यह है कि कंपनी साल 2035 तक अपने दमदार V8 और V12 पेट्रोल इंजनों का उत्पादन जारी रखेगी।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 5 October 2026, 10:33 AM IST

New Delhi: लग्जरी स्पोर्ट्स कार बनाने वाली मशहूर ब्रिटिश कंपनी एस्टन मार्टिन ने अपने इलेक्ट्रिक वाहन (EV) प्लान में बड़ा बदलाव किया है। कंपनी ने अपनी पहली ऑल-इलेक्ट्रिक कार के लॉन्च को एक बार फिर आगे बढ़ा दिया है और अब यह कार साल 2033 से पहले सड़क पर नहीं उतरेगी। वैश्विक बाजार में ईवी की सुस्त मांग और नियमों में बदलाव को इसकी मुख्य वजह बताया गया है।

बार-बार क्यों बदल रही है लॉन्च की टाइमलाइन?

एस्टन मार्टिन के इलेक्ट्रिक सफर में यह फेरबदल पहली बार नहीं हुआ है। शुरुआत में कंपनी की योजना इस कार को साल 2025 में बाजार में उतारने की थी। इसके बाद इसे बढ़ाकर 2026 और फिर 2030 किया गया था। अब ताजा अपडेट के मुताबिक, यह कार 2033 से 2035 के बीच आएगी, यानी मूल योजना से लगभग एक दशक की देरी हो चुकी है। कंपनी अधिकारियों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर ऑल-इलेक्ट्रिक सुपरकारों की मांग अभी धीमी है, इसलिए कंपनी अपने संसाधन उन तकनीकों पर लगा रही है जिन्हें ग्राहक ज्यादा पसंद कर रहे हैं।

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V8 और V12 पेट्रोल इंजन का रोमांच रहेगा जारी

रफ्तार के दीवानों के लिए राहत की बात यह है कि कंपनी अपने शक्तिशाली V8 और V12 पेट्रोल इंजनों का उत्पादन साल 2035 तक जारी रखेगी। एस्टन मार्टिन का मानना है कि जब तक सरकारी और वैश्विक नियम अनुमति देंगे, ग्राहक इन इंजन वाली कारों का आनंद लेते रहेंगे। आने वाले समय में कंपनी अपने इन पेट्रोल मॉडल्स को और अधिक दमदार और आधुनिक अवतार में पेश करेगी।

प्लग-इन हाइब्रिड तकनीक से दूरी क्यों?

कंपनी अपने वाहनों में हाइब्रिड तकनीक का इस्तेमाल तो करेगी, लेकिन प्लग-इन हाइब्रिड (PHEV) सिस्टम से दूरी बनाए रखेगी। इसकी मुख्य वजह गाड़ियों का वजन बढ़ना है। प्लग-इन हाइब्रिड सेटअप लगाने से गाड़ी में करीब 200 किलोग्राम तक अतिरिक्त वजन बढ़ जाता है। स्पोर्ट्स कारों के लिए यह अतिरिक्त वजन उसकी परफॉर्मेंस, हैंडलिंग और कॉर्नरिंग क्षमताओं को प्रभावित करता है, जिसे कंपनी अपने परफॉर्मेंस स्टैंडर्ड के खिलाफ मानती है।

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रिसर्च जारी और भविष्य की योजना

भले ही पहली ईवी का लॉन्च टल गया हो, लेकिन एस्टन मार्टिन ईवी टेक्नोलॉजी पर अपनी रिसर्च लगातार जारी रखेगी। गौर करने वाली बात है कि कंपनी ने साल 2019 में 'रैपिड ई' नाम से एक इलेक्ट्रिक कार पेश की थी, जिसका उपयोग मुख्य रूप से तकनीक को समझने के लिए किया गया था। इसके साथ ही, कंपनी अपने 'वलहैला हाइपरकार' प्रोजेक्ट पर तेजी से काम कर रही है। एस्टन मार्टिन का लक्ष्य 2030 से 2035 के बीच अपने पूरे मॉडल लाइन-अप को अपडेट करना है ताकि भविष्य में बाजार के हिसाब से एक बेहतरीन इलेक्ट्रिक वाहन उतारा जा सके।

Location :  New Delhi

Published :  5 October 2026, 10:33 AM IST