बाहर आतिशबाजी, भीतर नफरत! क्या यही है बुराई पर अच्छाई की जीत?
अब आप ही बताइए, संसार में जो अशोभनीय और इंसानियत को शर्मसार करने वाला माहौल चल रहा है, उसमें महज़ एक कागज़ के पुतले के दहन से बुराइयों पर विजय हासिल की जा सकती है? हम यह नहीं कहते हैं कि हम इस पर्व को न मनाएं या रावण के पुतले का दहन न करें, लेकिन इतना ज़रूर…