Ujjain Hanuman Temple Mystery: बजरंगबली के आगे बेअसर हुईं दुनिया भर की मशीनें, टस से मस नहीं हुई 8 फीट ऊंची चमत्कारिक प्रतिमा

उज्जैन में सिंहस्थ महाकुंभ 2028 की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ीकरण के दौरान सती गेट पर स्थित करीब 170 साल पुराने खड़े हनुमानजी के मंदिर का ढांचा हटा दिया गया। हालांकि, भारी मशीनों के बावजूद 8 फीट ऊंची प्रतिमा अपनी जगह से टस से मस नहीं हुई।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 9 September 2026, 1:17 PM IST

Ujjain: उज्जैन के एक मंदिर की कहानी इन दिनों काफी चर्चा का विषय बनी हुई है। सिंहस्थ महाकुंभ 2028 की तैयारियों के लिए शहर में सड़कों को चौड़ा किया जा रहा है। इसी काम की जद में सती गेट पर मौजूद करीब 170 साल पुराना खड़े हनुमानजी का मंदिर भी आ गया। मंदिर का ढांचा तो हटा दिया गया लेकिन जब प्रतिमा को दूसरी जगह ले जाने की कोशिश हुई तो मामला पूरी तरह बदल गया। चार दिन में चार बार प्रयास हुए मशीनें लगाई गईं, लेकिन करीब 8 फीट ऊंची प्रतिमा अपनी जगह से जरा भी नहीं हिली।

हाइड्रोलिक मशीनरी भी हुई बेअसर

नगर निगम की टीम ने 4-5 सितंबर को मंदिर का ढांचा गिरा दिया। इसके बाद मूर्ति को दूसरी जगह ले जाने की तैयारियां शुरू हुईं। प्रशासन ने तकनीकी उपकरणों की मदद से इसे हटाने की कोशिश की लेकिन हर कोशिश नाकाम रही।हाइड्रोलिक मशीनरी भी बेअसर साबित हुई। फिर मूर्ति के आसपास खुदाई करके उसकी नींव की बनावट को समझने की कोशिश की गई लेकिन उसकी असल गहराई का पता नहीं चल सका।

जमीन के अंदर छिपा है प्रतिमा का राज?

माना जाता है कि मूर्ति शायद एक ही विशाल पत्थर से तराशी गई होगी। इसलिए सीधे खींचने पर इसके टूटने या क्षतिग्रस्त होने का खतरा है। अब प्रशासन और पुरातत्व विभाग ज़मीन के नीचे की संरचना को समझने के लिए ग्राउंड-स्कैनिंग तकनीक का इस्तेमाल करने की तैयारी कर रहे हैं।

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इस मूर्ति ने अपने इतिहास से जुड़े रहस्य को और गहरा कर दिया है। आम तौर पर इसे लगभग 170 साल पुराना माना जाता है, लेकिन कुछ दावे इसे परमार वंश और राजा भोज के काल से जोड़ते हैं। अगर यह सच साबित होता है, तो मूर्ति लगभग एक हजार साल पुरानी हो सकती है।

भक्तों ने कहा- ‘ये भगवान की मर्जी है’

जब यह खबर फैली कि मूर्ति नहीं हिलेगी तो भक्तों की आस्था और गहरी हो गई। सोशल मीडिया पर लोग इसे हनुमानजी का चमत्कार और अपना स्थान छोड़ने से इनकार करने का संकेत मान रहे हैं। फिलहाल मूर्ति अपनी मूल जगह पर ही है। मंदिर का ढांचा हटाए जाने के बाद इसकी सुरक्षा के लिए एक शेड बनाया गया है। इस बीच हिंदू संगठनों ने मूर्ति को हटाने से पहले उसकी सुरक्षा के बारे में प्रशासन से लिखित गारंटी की मांग की है।

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अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या सिंहस्थ की तैयारियों के बीच भगवान हनुमान की खड़ी प्रतिमा अपनी मौजूदा जगह पर ही रहेगी या उसे दूसरी जगह ले जाया जाएगा। इसका जवाब पुरातत्व विभाग के निरीक्षण और तकनीकी अध्ययन के बाद ही मिल पाएगा।

Location :  Ujjain

Published :  9 September 2026, 1:14 PM IST