
कंधे पर बेटा और सीने तक उफनती नदी (Img- X)
Patna: आजादी के अमृत काल और डिजिटल क्रांति के बड़े-बड़े दावों के बीच बिहार के रामनगर प्रखंड से आई एक तस्वीर ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में एक लाचार पिता अपने कलेजे के टुकड़े को कंधे पर बैठाकर उफनती पहाड़ी नदी की तेज धार को चीरता हुआ दिखाई दे रहा है।
यह केवल एक पिता के संघर्ष की कहानी नहीं है, बल्कि यह हमारे सिस्टम की उस सड़ चुकी प्रशासनिक व्यवस्था का जीवंत दस्तावेज है, जो एक बच्चे को ककहरा सिखाने के लिए उसकी जान दांव पर लगा देती है। लोग पूछ रहे हैं कि क्या बिहार में अब बुनियादी शिक्षा पाने की कीमत जिंदगी देकर चुकानी होगी?
इंटरनेट पर वायरल हो रहे इस खौफनाक मंजर को देखकर किसी भी संवेदनशील इंसान का दिल दहल जाएगा। वीडियो में नदी का बहाव इतना तेज है कि एक मामूली सी चूक बाप-बेटे को तिनके की तरह बहा ले जा सकती थी। पानी का स्तर पिता के सीने तक पहुंच रहा है, लेकिन बेटे की आंखों में स्कूल जाने का जो सपना है, उसने पिता के पैरों में अंगद जैसी ताकत दे दी।
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कुछ स्थानीय ग्रामीणों ने जब इस खौफनाक सफर को देखा, तो वे भी पानी में उतरे और इंसानी जंजीर बनाकर दोनों को सुरक्षित किनारे तक पहुंचाया। यह वीडियो चीख-चीख कर सवाल कर रहा है कि आखिर कब तक मासूमों को किताबों के लिए मौत के मुहाने से गुजरना होगा?
उफनाती नदी भी नहीं तोड़ पाई एक पिता का हौसला, पिता ने बच्चे को कंधे पर बिठाकर भयंकर उफनाती नदी पार कराई pic.twitter.com/WQQ1hYs1KO
— Shantanu Tripathi (@Shantanu_media) July 16, 2026
रामनगर प्रखंड का यह सुदूरवर्ती दोन क्षेत्र भौगोलिक रूप से 22 छोटी-बड़ी पहाड़ी नदियों से घिरा हुआ है। हर साल मानसून आते ही नेपाल के तराई इलाकों में होने वाली मूसलाधार बारिश गंडक और मसान जैसी नदियों को रौद्र रूप दे देती है। इसके साथ ही इस पूरे इलाके का संपर्क हरनाटांड़ और रामनगर मुख्यालय से पूरी तरह कट जाता है।
यहां पुल, सड़क, बिजली और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं आज भी एक क्रूर मजाक जैसी हैं। जब कोई बीमार होता है या बच्चों को परीक्षा देने जाना होता है, तो पूरा गांव अपनी किस्मत को कोसते हुए इसी तरह जान हथेली पर लेकर सफर करता है।
नेताओं के खोखले वादे और फाइलों में तैरते पुल भले ही इस नदी पर धरातल पर न उतर पाए हों, लेकिन एक पिता का हौसला इस उफनते सैलाब से भी कहीं ज्यादा ऊंचा साबित हुआ। ग्रामीणों का साफ कहना है कि अगर सरकार ने समय रहते यहां एक स्थायी पुल का निर्माण करा दिया होता, तो आज इस मासूम बच्चे को स्कूल जाने के लिए इस खौफनाक परीक्षा से नहीं गुजरना पड़ता।
यह घटना साफ करती है कि बिहार के ग्रामीण इलाकों में आज भी विकास कागजों की नाव पर सवार है, जबकि हकीकत में आम जनता को अपनी जिंदगी बचाने के लिए खुद ही लहरों से लड़ना पड़ रहा है।
Location : Patna
Published : 16 July 2026, 2:41 PM IST
Topics : Bihar Floods Bihar News Viral video