Raebareli News: रायबरेली में हर्षोल्लास के साथ मना मकर संक्रांति पर्व, पतंगबाजी और परंपराओं की दिखी छवि

रायबरेली में नव वर्ष 2026 का पहला पर्व मकर संक्रांति उत्साह के साथ मनाया गया। युवाओं ने पतंग उड़ाई, महिलाओं ने खिचड़ी और पारंपरिक व्यंजन बनाए। लोगों ने चाइनीज मांझे से परहेज किया और गुड़-तिल के पकवानों के साथ एक-दूसरे को बधाइयां दीं।

Post Published By: Sapna Srivastava
Updated : 15 January 2026, 5:12 PM IST

Raebareli: रायबरेली जिले में नव वर्ष 2026 का पहला पर्व मकर संक्रांति बड़े ही हर्षोल्लास और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से ही लोगों में पर्व को लेकर उत्साह देखने को मिला। घरों में पूजा-अर्चना के बाद लोगों ने एक-दूसरे को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दीं और पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन किया।

शहर और ग्रामीण इलाकों में युवाओं ने छतों और खुले मैदानों में पतंग उड़ाकर पर्व का आनंद लिया। खास बात यह रही कि चाइनीज मांझे से हो रही दुर्घटनाओं को देखते हुए लोगों ने जागरूकता दिखाते हुए उसके इस्तेमाल से परहेज किया। अधिकतर युवाओं ने साधारण सूती मांझे का प्रयोग किया, जिससे किसी तरह की अनहोनी न हो।

घरों में महिलाओं ने खिचड़ी सहित तिल, गुड़ और चावल से बने पारंपरिक व्यंजन तैयार किए। दाल-चावल की खिचड़ी, तिल के लड्डू, रेवड़ी और गुड़ से बने पकवानों का विशेष महत्व रहा। परिवार के सभी सदस्यों ने मिलकर भोजन किया और पर्व की खुशियां साझा कीं।

मकर संक्रांति के अवसर पर लोगों ने नए और रंग-बिरंगे वस्त्र पहने। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में उत्सव का उल्लास दिखाई दिया। कई स्थानों पर लोगों ने जरूरतमंदों को तिल, गुड़ और वस्त्र दान भी किए।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मकर संक्रांति सूर्य के उत्तरायण होने और ऋतु परिवर्तन की शुरुआत का प्रतीक है। इस दिन से सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता है, जिसे शुभ माना जाता है। रायबरेली में इस पर्व ने सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक परंपराओं को एक बार फिर जीवंत कर दिया।

Location : 
  • Raebareli

Published : 
  • 15 January 2026, 5:12 PM IST