
New Delhi: जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के दौरान एक युवक अपनी बहन की संघर्षभरी कहानी लेकर पहुंचा और शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए। युवक ने बताया कि उसकी बहन पिछले तीन वर्षों से NEET परीक्षा की तैयारी कर रही है और लगातार परीक्षा से जुड़े विवादों तथा अनिश्चितताओं का सामना कर रही है।
युवक के अनुसार, बार-बार सामने आने वाले पेपर लीक, परीक्षा प्रक्रिया पर उठते सवाल और परिणामों को लेकर विवादों ने लाखों छात्रों की मानसिक स्थिति और तैयारी को प्रभावित किया है। उसने कहा कि जिस दिन उसकी बहन NEET परीक्षा देने गई है, उसी दिन वह जंतर-मंतर पहुंचकर अपने परिवार का दर्द और छात्रों की आवाज देश के सामने रखने आया है।
प्रदर्शन के दौरान कई छात्रों और युवाओं ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई। कुछ प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यदि व्यवस्था का नेतृत्व सही होगा तो पूरे सिस्टम में सुधार संभव है। वहीं, यह सवाल भी उठाया गया कि यह विरोध केवल केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ है या फिर पूरे शिक्षा तंत्र की खामियों के खिलाफ।
प्रदर्शन में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी देखने को मिले। कुछ लोगों ने विपक्ष पर मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया, जबकि अन्य प्रदर्शनकारियों ने वोट चोरी और लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता से जुड़े सवाल भी उठाए। इस दौरान धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी जोर-शोर से उठाई गई। जंतर-मंतर पर छात्रों और अभिभावकों का यह विरोध शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को लेकर जारी है।
New Delhi: जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के दौरान एक युवक अपनी बहन की संघर्षभरी कहानी लेकर पहुंचा और शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए। युवक ने बताया कि उसकी बहन पिछले तीन वर्षों से NEET परीक्षा की तैयारी कर रही है और लगातार परीक्षा से जुड़े विवादों तथा अनिश्चितताओं का सामना कर रही है।
युवक के अनुसार, बार-बार सामने आने वाले पेपर लीक, परीक्षा प्रक्रिया पर उठते सवाल और परिणामों को लेकर विवादों ने लाखों छात्रों की मानसिक स्थिति और तैयारी को प्रभावित किया है। उसने कहा कि जिस दिन उसकी बहन NEET परीक्षा देने गई है, उसी दिन वह जंतर-मंतर पहुंचकर अपने परिवार का दर्द और छात्रों की आवाज देश के सामने रखने आया है।
प्रदर्शन के दौरान कई छात्रों और युवाओं ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई। कुछ प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यदि व्यवस्था का नेतृत्व सही होगा तो पूरे सिस्टम में सुधार संभव है। वहीं, यह सवाल भी उठाया गया कि यह विरोध केवल केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ है या फिर पूरे शिक्षा तंत्र की खामियों के खिलाफ।
प्रदर्शन में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी देखने को मिले। कुछ लोगों ने विपक्ष पर मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया, जबकि अन्य प्रदर्शनकारियों ने वोट चोरी और लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता से जुड़े सवाल भी उठाए। इस दौरान धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी जोर-शोर से उठाई गई। जंतर-मंतर पर छात्रों और अभिभावकों का यह विरोध शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को लेकर जारी है।
Location : New Delhi
Published : 21 June 2026, 8:21 PM IST