फसल क्षति का वैज्ञानिक आकलन कैसे होता है? देखें कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने क्या कहा?

चौहान ने स्पष्ट कहा कि, हमारा फोकस केवल उत्पादन पर नहीं बल्कि फसल-क्षति के वैज्ञानिक आकलन, बीमे के सही क्लेम और किसानों की त्वरित सहायता पर भी है.कृषि मंत्री के निर्देश पर यह समीक्षा बैठक ऐसे समय में आयोजित की गई, जब कई राज्यों में मौसम की अनिश्चितता, फसल-क्षति की आशंका और किसानों…पढ़ें पूरी खबर

Updated : 20 March 2026, 8:04 PM IST

New Delhi: कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज कृषि भवन, नई दिल्ली में देश के कृषि क्षेत्र की समग्र स्थिति की उच्चस्तरीय समीक्षा की। बैठक में हाल के दिनों में कई राज्यों में हुई अतिवृष्टि, तेज बारिश, ओलावृष्टि और अन्य प्रतिकूल मौसमीय परिस्थितियों के कारण किसानों को हुए संभावित नुकसान, उनकी तत्काल जरूरतों, बीमा दावों की प्रक्रिया और राहत व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की गई।

समीक्षा के बाद मीडिया से बातचीत में  चौहान ने स्पष्ट कहा कि, हमारा फोकस केवल उत्पादन पर नहीं बल्कि फसल-क्षति के वैज्ञानिक आकलन, बीमे के सही क्लेम और किसानों की त्वरित सहायता पर भी है। कृषि मंत्री के निर्देश पर यह समीक्षा बैठक ऐसे समय में आयोजित की गई, जब कई राज्यों में मौसम की अनिश्चितता, फसल-क्षति की आशंका और किसानों की त्वरित सहायता की आवश्यकता प्रमुख मुद्दे बने हुए हैं ताकि नीति, राहत और मोदी सरकार की विभिन्न योजनाओं की पहुंच तीनों स्तरों पर समन्वित रूप से सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि मौसम विभाग ने आगे दो और पश्चिमी विक्षोभ आने की संभावना जताई है, इसीलिए किसानों को क्या सलाह दी जाए, इस पर भी व्यापक स्तर पर चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।

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  • New Delhi

Published : 
  • 20 March 2026, 8:04 PM IST