Video इस्तीफे के बाद छलके अभिजीत दिपके के आंसू, Gen Z के लिए कह दी ये बात…

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर के बाद अभिजीत दिपके भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन की शुरुआत भर है। दिपके ने नीट पेपर लीक से प्रभावित परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये मुआवजा देने और प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज FIR तुरंत वापस लेने की मांग दोहराई।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 25 July 2026, 6:04 PM IST

New Delhi: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद छात्र आंदोलन से जुड़े अभिजीत दिपके की प्रतिक्रिया चर्चा का विषय बन गई। प्रदर्शन स्थल पर भावुक दिखे दिपके ने कहा कि यह सिर्फ एक राजनीतिक फैसला नहीं, बल्कि लंबे समय से संघर्ष कर रहे छात्रों की आवाज का असर है। हालांकि उन्होंने साफ किया कि आंदोलन का मकसद केवल किसी मंत्री का इस्तीफा नहीं, बल्कि छात्रों को न्याय दिलाना है।

दिपके ने अपनी पहली मांग दोहराते हुए कहा कि नीट पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था की कथित खामियों के कारण जिन छात्रों ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया, उनके परिवारों को सरकार की ओर से 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाना चाहिए। उनका कहना था कि केवल जिम्मेदारी तय करना काफी नहीं है, बल्कि प्रभावित परिवारों को आर्थिक और सामाजिक सहारा भी मिलना चाहिए।

उन्होंने दूसरी बड़ी मांग के रूप में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को बिना किसी शर्त वापस लेने की बात कही। दिपके ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर कानूनी कार्रवाई उचित नहीं है और इससे युवाओं की आवाज दबाने का संदेश जाता है।

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दिपके ने कहा कि छात्र आंदोलन का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और भरोसा बहाल करना है। उन्होंने आंदोलन से जुड़े सभी छात्रों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की और कहा कि जब तक प्रमुख मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।

Location :  New Delhi

Published :  25 July 2026, 6:04 PM IST