उत्तराखंड में अचानक बदला मौसम, पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश ने मचाई खुशी

कई महीनों की प्रतीक्षा के बाद उत्तराखंड में मौसम ने करवट ली है। बसंत पंचमी के अवसर पर उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश हुई है। इससे तापमान में गिरावट आई है और किसानों व पर्यावरण को राहत मिली है।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 23 January 2026, 12:42 PM IST

Rudraprayag: कई महीनों की लंबी प्रतीक्षा के बाद आखिरकार मौसम ने करवट ले ली है। आसमान में बादल छाने और बारिश व बर्फबारी की शुरुआत होते ही लोगों के चेहरों पर खुशी साफ नजर आने लगी है। लंबे समय से सूखे, ठंड और पर्यावरणीय संकट से जूझ रहे क्षेत्रों में इस बदलाव को राहत के रूप में देखा जा रहा है।

मौसम विभाग की भविष्यवाणी हुई सटीक

मौसम विभाग ने 23 जनवरी, बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई थी। शुक्रवार तड़के करीब चार बजे से ही आसमान में घने बादल छा गए और देखते ही देखते ऊँचाई वाले क्षेत्रों में तापमान गिरने लगा, जिसके बाद बर्फबारी शुरू हो गई।

उच्च हिमालयी क्षेत्रों और चोटियों पर बर्फ की चादर

जैसे ही तापमान में गिरावट आई, उच्च हिमालयी क्षेत्रों और ऊँची चोटियों पर बर्फबारी शुरू हो गई। लंबे समय बाद पहाड़ों पर बर्फ की सफेद चादर बिछती दिखाई दी। इससे न केवल प्राकृतिक सौंदर्य लौटा है, बल्कि जल स्रोतों और पर्यावरण के लिए भी यह बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कहीं बारिश तो कहीं आंधी-तूफान

राज्य के कई निचले इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश के छींटे पड़े, जबकि कुछ स्थानों पर आंधी-तूफान ने दस्तक दी। मौसम में आए इस अचानक बदलाव से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और ठंड की आहट फिर से महसूस होने लगी है।

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लंबे सूखे और संकट के बाद राहत

केदारनाथ धाम में बर्फ की चादर

पिछले कई महीनों से बारिश न होने के कारण जलस्रोत सूखने लगे थे, जंगलों में आग की घटनाएं बढ़ रही थीं और रबी की फसल पर भी संकट मंडरा रहा था। ऐसे में इस बारिश और बर्फबारी को किसानों, बागवानों और आम जनता के लिए राहत की सांस के रूप में देखा जा रहा है।

सोशल मीडिया पर छाई बर्फबारी की तस्वीरें

बर्फबारी शुरू होते ही सोशल मीडिया पर तस्वीरों और वीडियो की बाढ़ आ गई। लोग व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बर्फबारी और बारिश के दृश्य साझा करते नजर आए। बसंत पंचमी के अवसर पर प्रकृति का यह रूप लोगों के लिए खास बन गया।

बाबा केदारनाथ धाम में बर्फबारी का दृश्य

बाबा केदारनाथ धाम में सुबह से ही बर्फबारी जारी है। बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर बाबा भोलेनाथ बर्फ में लिपटे दिखाई दे रहे हैं। मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र बर्फ से ढक गया है, जिससे भक्तों में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है।

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वैज्ञानिकों और पर्यावरणविदों के चेहरे खिले

हिमालय की चोटियों पर बर्फबारी देखकर वैज्ञानिकों और पर्यावरणविदों के चेहरे भी खिल उठे हैं। उनका मानना है कि यदि समय रहते अच्छी बारिश और बर्फबारी नहीं होती, तो आने वाले समय में जल संकट और पर्यावरण असंतुलन और गहरा सकता था।

तापमान में गिरावट, ठंड का असर बढ़ा

बारिश और बर्फबारी के कारण तापमान में स्पष्ट गिरावट दर्ज की गई है। ठंडी हवाओं के साथ सर्दी ने फिर से अपनी मौजूदगी दर्ज करा दी है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ सकती है।

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  • Rudraprayag

Published : 
  • 23 January 2026, 12:42 PM IST