जो असली आंदोलनकारी हैं, उनका सम्मान हर हाल में होगा… आखिर क्या है नैनीताल में डीएम की बड़ी पहल?

नैनीताल में वर्षों से चिह्नीकरण का इंतजार कर रहे राज्य आंदोलनकारियों को लेकर बड़ी हलचल शुरू हो गई है। डीएम की अध्यक्षता में हुई अहम बैठक में 198 आवेदनों की जांच पर मंथन हुआ। अब तय होगा कि किन लोगों को राज्य आंदोलनकारी का दर्जा मिलेगा।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 23 July 2026, 2:58 PM IST

Nainital: उत्तराखंड राज्य आंदोलन से जुड़े उन लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है, जिनका अब तक आधिकारिक चिह्नीकरण नहीं हो पाया है। नैनीताल जिला प्रशासन ने ऐसे आंदोलनकारियों की पहचान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए एक अहम बैठक आयोजित की, जिसमें वर्ष 2021 तक प्राप्त 198 आवेदनों की विस्तार से समीक्षा की गई।

इस मुद्दे पर हुई चर्चा

जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में हुई बैठक में राज्य आंदोलनकारियों के चिह्नीकरण से जुड़े हर पहलू पर चर्चा की गई। बैठक में मौजूद समिति के सदस्यों को निर्देश दिए गए कि जिन आंदोलनकारियों का अब तक चिह्नीकरण नहीं हो सका है, उनके मामलों की निष्पक्ष और गंभीरता से जांच की जाए।

ये भी पढ़ें- बेटी के पेट में अचानक उठा तेज दर्द, पिता अस्पताल ले गया; जांच में निकली 6 माह की गर्भवती

जिलाधिकारी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य के निर्माण में आंदोलनकारियों का योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने अपने संघर्ष और बलिदान से अलग राज्य की नींव रखी थी। ऐसे में उनका सम्मान करना और सही लोगों को चिह्नित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

आवेदकों के दस्तावेजों और साक्ष्यों की होगी जांच

बैठक में यह भी बताया गया कि एलआईयू (लोकल इंटेलिजेंस यूनिट) का पुराना रिकॉर्ड अब उपलब्ध नहीं है, इसलिए आवेदकों द्वारा जमा किए गए दस्तावेजों और साक्ष्यों का गहन परीक्षण किया जाएगा। समिति ने आवेदन पत्रों के साथ लगाए गए सभी प्रमाणों और अभिलेखों की बिंदुवार जांच शुरू कर दी है।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जांच पूरी तरह शासन द्वारा तय मानकों और पारदर्शिता के आधार पर की जाए। किसी भी पात्र आंदोलनकारी के साथ अन्याय न हो और अपात्र व्यक्ति को सूची में शामिल न किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन आवेदनों में दस्तावेज अधूरे हैं या कोई त्रुटि है, संबंधित आवेदकों को इसकी जानकारी दी जाए ताकि वे समय रहते जरूरी अभिलेख उपलब्ध करा सकें।

ये भी पढ़ें- Deoria: राष्ट्रीय राजमार्ग पर टैंकरों का अतिक्रमण, राहगीरों की जान जोखिम में; पेट्रोलियम डिपो प्रबंधन पर उठे सवाल

आंदोलनकारियों को मिलना चाहिए सम्मान

बैठक में मौजूद अधिकारियों और समिति के सदस्यों ने भी इस प्रक्रिया को जल्द और निष्पक्ष तरीके से पूरा करने पर सहमति जताई। प्रशासन का मानना है कि लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे वास्तविक राज्य आंदोलनकारियों को उनका सम्मान और पहचान मिलनी चाहिए।

बैठक में पुलिस अधीक्षक यातायात जगदीश चंद्र, अपर जिलाधिकारी विवेक राय, शौरभ असवाल, समिति सदस्य डॉ. केदार पलड़िया, जगमोहन चिलवाल, डॉ. सुरेश डालाकोटी सहित कई अधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।

Location :  Nainital

Published :  23 July 2026, 2:57 PM IST