Uttarakhand: स्वास्थ्य सेवाओं का हाल जानने पहुंचे मंत्री पड़े ‘बीमार’, अस्पताल में हुए भर्ती

हल्द्वानी के डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय अस्पताल में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब उत्तराखंड के स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल बिना सूचना के निरीक्षण पर पहुंच गए। मंत्री ने खुद को सामान्य मरीज बताकर दिल की जांच करवाई और फिर अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने डॉक्टरों और प्रशासन को कई सख्त निर्देश भी दिए।

Post Published By: Bobby Raj
Updated : 9 May 2026, 7:22 PM IST

Haldwani: उत्तराखंड़ में हल्द्वानी के डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय अस्पताल में शनिवार को उस समय अचानक हलचल तेज हो गई, जब उत्तराखंड के स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल बिना किसी पूर्व सूचना के अस्पताल पहुंच गए। मंत्री के अचानक निरीक्षण से अस्पताल प्रशासन और स्टाफ पूरी तरह सतर्क हो गया। वार्डों से लेकर ओपीडी तक हर विभाग में उनकी मौजूदगी ने अस्पताल की व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति सामने ला दी।

अस्पताल में प्रवेश करते ही मंत्री सीधे डॉक्टरों के पास पहुंचे और खुद को एक सामान्य मरीज की तरह पेश करते हुए दिल की जांच करने को कहा। अचानक स्वास्थ्य मंत्री को सामने देखकर डॉक्टर और स्टाफ कुछ देर के लिए असहज नजर आए, लेकिन तुरंत जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई। अस्पताल के एमएस डॉ. अरुण जोशी की टीम ने स्वास्थ्य मंत्री का ईको टेस्ट किया। जांच रिपोर्ट सामान्य आने के बाद डॉक्टरों ने राहत की सांस ली।

मरीज बनकर करवाई जांच

स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने अस्पताल की व्यवस्थाओं को करीब से समझने के लिए खुद मरीज बनकर जांच करवाई। इसके बाद उन्होंने अस्पताल के अलग-अलग वार्डों का विस्तृत निरीक्षण किया। मंत्री ने भर्ती मरीजों से सीधे बातचीत कर इलाज, दवाइयों और सुविधाओं को लेकर जानकारी ली।

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निरीक्षण के दौरान कई मरीजों ने अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर अपनी समस्याएं भी मंत्री के सामने रखीं। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मरीजों को इलाज के लिए किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में बेहतर इलाज उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।

बाहर की दवा लिखने पर सख्त निर्देश

निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों के साथ बैठक भी की। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि मरीजों को बाहर की दवाइयां लिखने की शिकायतें नहीं मिलनी चाहिए। अस्पताल में उपलब्ध दवाइयां ही मरीजों को दी जाएं।

मंत्री ने अनावश्यक रेफरल पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि केवल गंभीर परिस्थितियों में ही मरीजों को दूसरे अस्पताल रेफर किया जाए। दूर-दराज से आने वाले मरीजों को अस्पताल में ही बेहतर इलाज मिलना चाहिए ताकि उन्हें भटकना न पड़े।

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स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने की दिशा में बड़ा कदम

पूरे निरीक्षण के दौरान मंत्री ने मरीजों से मिले फीडबैक को गंभीरता से सुना। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को साफ निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंत्री सुबोध उनियाल का यह अचानक दौरा अस्पताल की वास्तविक स्थिति को समझने और सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

Location :  Nainital

Published :  9 May 2026, 7:21 PM IST