Sawan 2025: सावन के महीने में हरिद्वार में दिखी खास परंपरा, दिखा अद्भुत संगम

हरियाली तीज पर हरिद्वार के PAC परिसर में कुछ ऐसा हुआ जिसने परंपरा को फिर से जीवंत कर दिया। तीज क्वीन बनी हिमांशी, झूमते गीत-संगीत और रंग-बिरंगी रंगोली से सजा परिसर। पर क्या यह केवल पर्व था, या नारी सशक्तिकरण का सांस्कृतिक संदेश? जानिए पूरी कहानी।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 28 July 2025, 2:02 PM IST

Haridwar: हरियाली तीज के पावन अवसर पर 40 सी बहिनी PAC परिसर हरिद्वार में पारंपरिक उल्लास, सांस्कृतिक रंग और रचनात्मकता का अनूठा मेल देखने को मिला। इस आयोजन ने न केवल लोकपर्व की गरिमा को बनाए रखा, बल्कि महिलाओं के सौंदर्य, आत्म-प्रदर्शन और पारिवारिक समरसता को भी नई पहचान दी।

डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के मुताबिक,   कार्यक्रम की मुख्य अतिथि PAC की सेनानायक आईपीएस श्रीमती तृप्ति भट्ट रहीं, जिन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। उनका नेतृत्व केवल प्रशासनिक ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक चेतना को भी प्रेरित करने वाला रहा। उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि इस प्रकार के आयोजन परंपरा और आधुनिकता के संतुलन का प्रतीक हैं।

मुख्य आकर्षण

कार्यक्रम का सबसे अधिक प्रतीक्षित हिस्सा ‘तीज क्वीन प्रतियोगिता’ रही, जिसमें हिमांशी बिष्ट ने अपनी प्रतिभा, आत्मविश्वास और सांस्कृतिक सौंदर्य से सभी का दिल जीत लिया। उन्हें ‘तीज क्वीन’ के खिताब से सम्मानित किया गया। इस प्रतियोगिता ने महिलाओं को न सिर्फ मंच प्रदान किया, बल्कि आत्म-अभिव्यक्ति का अवसर भी दिया।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

इस उत्सव में महिलाओं और बच्चियों ने पारंपरिक लोकगीतों, नृत्यों और खेलों के माध्यम से समां बाँध दिया। ढोलक की थाप, गीतों की मधुरता और रंग-बिरंगे परिधानों ने पूरे परिसर को पर्व के रंगों में डुबो दिया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने जहाँ एक ओर मनोरंजन किया, वहीं दूसरी ओर परंपरा के साथ भावनात्मक जुड़ाव को भी गहरा किया।

कलात्मक प्रतियोगिताएं

मेहंदी और रंगोली प्रतियोगिताएँ इस आयोजन का एक और आकर्षक पहलू रहीं। महिलाओं ने अपनी कलात्मकता और सृजनात्मक सोच से परिसर को रंग-बिरंगे डिजाइनों और जीवंत रंगोलियों से सजा दिया। इन प्रतियोगिताओं में महिलाओं की भागीदारी और कौशल प्रशंसनीय रहा।

उपस्थिति और सहभागिता

इस आयोजन में सहायक सेनानायक श्रीमती जीतो कंबोज, श्रीमती मीनाक्षी रावत, दलनायक श्रीमती अनुपमा राणा, श्रीमती रीना सहित वाहिनी की कई महिला सदस्य एवं उनके परिजन उपस्थित रहे। सामूहिक सहभागिता और सहयोग की भावना ने इस आयोजन को और भी सफल बना दिया।

सेनानायक का संदेश

श्रीमती तृप्ति भट्ट ने तीज की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन हमारी संस्कृति की जीवंतता को बनाए रखते हैं और महिलाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए मंच प्रदान करते हैं। उन्होंने वाहिनी की महिलाओं के जोश, सामूहिक भावना और आयोजन में दिए योगदान की सराहना की।

Location : 
  • Haridwar

Published : 
  • 28 July 2025, 2:02 PM IST