ऋषिकेश में बड़ा रेल हादसा टला: बेकाबू होकर दीवार तोड़ पटरी से उतरी उज्जैनी एक्सप्रेस, जानें हादसे की वजह

ऋषिकेश में शंटिंग के दौरान उज्जैनी एक्सप्रेस दीवार तोड़कर पटरी से उतरी। ब्रेक सिस्टम फेल होने के कारण हुआ हादसा। ट्रेन खाली होने से टली बड़ी जनहानि। रेलवे अधिकारियों ने शुरू की मामले की जांच, सुरक्षा पर उठे सवाल।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 19 May 2026, 10:41 AM IST

Rishikesh: उत्तराखंड के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल ऋषिकेश से एक बड़े रेल हादसे की खबर सामने आई है। ऋषिकेश रेलवे स्टेशन के यार्ड में शंटिंग के दौरान उज्जैनी एक्सप्रेस अचानक बेकाबू हो गई। रफ्तार अनियंत्रित होने की वजह से ट्रेन का इंजन और कुछ कोच ट्रैक के किनारे बनी सुरक्षा दीवार को तोड़ते हुए पटरी से नीचे उतर गए। यह हादसा ऋषिकेश के खांड गांव के पास यार्ड क्षेत्र में हुआ।

गनीमत यह रही कि जिस समय यह पूरी घटना घटी, उस वक्त गाड़ी संख्या 14317 उज्जैनी एक्सप्रेस पूरी तरह खाली थी, जिसके कारण एक बहुत बड़ा और भीषण हादसा होने से टल गया। रेलवे प्रशासन के मुताबिक इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि या किसी के घायल होने की कोई सूचना नहीं है।

तकनीकी खराबी और ब्रेक फेल होने की आशंका

दुर्घटना के कारणों को लेकर जो प्रारंभिक जानकारियां सामने आ रही हैं, उनके अनुसार ट्रेन के ब्रेक सिस्टम में अचानक आई तकनीकी खराबी (ब्रेक फेल होना) को इस हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। चूंकि शंटिंग के वक्त ट्रेन में कोई भी यात्री सवार नहीं था, इसलिए किसी को चोट नहीं आई।

घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे के उच्च अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई और उन्होंने पूरे हालात का जायजा लिया। वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक महेश यादव ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि शंटिंग मूवमेंट के दौरान इंजन के पहिए पटरी से उतरे हैं। उन्होंने कहा कि घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए उच्च स्तरीय तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है।

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आरपीएफ टीम ने संभाला मोर्चा, सुबह होनी थी रवाना

इस पूरे हादसे पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के अधीक्षक सरोज कुमार ने विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रात के समय उज्जैनी एक्सप्रेस को सुबह की यात्रा के लिए तैयार किया जा रहा था और इसी शंटिंग प्रक्रिया के दौरान यह हादसा हो गया।

इस गाड़ी को सुबह ठीक 6:00 बजे ऋषिकेश से अपने गंतव्य के लिए रवाना होना था। आरपीएफ को रात करीब 10:00 बजे ट्रेन के बेपटरी होने की सूचना मिली थी, जिसके तुरंत बाद पुलिस और सुरक्षा बलों की मुस्तैद टीमें घटना स्थल पर पहुंच गईं। अधीक्षक ने दोहराया कि ट्रेन के खाली होने से बड़ी राहत रही, अन्यथा परिणाम बेहद गंभीर हो सकते थे।

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सुरक्षा और तकनीकी निगरानी पर खड़े हुए गंभीर सवाल

इस हादसे ने एक बार फिर भारतीय रेलवे की तकनीकी निगरानी, रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। हालांकि समय रहते ट्रेन के खाली होने से एक बड़ी त्रासदी टल गई, लेकिन स्टेशन यार्ड के भीतर इस तरह की तकनीकी खराबी आना बेहद चिंताजनक है। अगर यही खराबी सफर के दौरान मुख्य ट्रैक पर आई होती, तो तस्वीर भयावह हो सकती थी। फिलहाल रेलवे प्रशासन ट्रैक को साफ करने और इंजन को दोबारा पटरी पर लाने के काम में जुटा हुआ है, और घटना की हर पहलू से बारीकी से जांच की जा रही है।

Location :  Rishikesh

Published :  19 May 2026, 10:41 AM IST