रामनगर में आम लीची के बौर से बढ़ी एलर्जी और सांस की दिक्कत, डॉक्टरों ने लोगों को सावधानी बरतने की दी सलाह

रामनगर में आम और लीची के बौर के चलते हवा में पोलन की मात्रा बढ़ गई है, जिससे एलर्जी और सांस की समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। डॉक्टरों ने लोगों को मास्क पहनने, बाहर कम निकलने और समय पर इलाज कराने की सलाह दी है।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 18 March 2026, 1:02 PM IST

Ramnagar: रामनगर में इन दिनों आम और लीची के बागानों में बौर (फूल) आने का मौसम चल रहा है। जहां एक ओर बागानों से उठने वाली खुशबू वातावरण को महका रही है, वहीं दूसरी ओर हवा में फैल रहे परागकण (पोलन) लोगों के स्वास्थ्य के लिए नई समस्या बनते जा रहे हैं। खासकर अस्थमा और एलर्जी से पीड़ित लोगों में इन दिनों आंखों में जलन, खुजली, बार-बार छींक आना और सांस लेने में दिक्कत जैसी शिकायतें तेजी से बढ़ी हैं।

अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की संख्या

स्थानीय अस्पतालों और क्लीनिकों में पिछले कुछ दिनों के दौरान एलर्जी और श्वसन संबंधी मरीजों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। डॉक्टरों का कहना है कि हर दिन बड़ी संख्या में ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं, जिन्हें पोलन एलर्जी की समस्या हो रही है। बच्चों और बुजुर्गों में इसका असर अधिक देखा जा रहा है।

पालम की इमारत में लगी भीषण आग, एक ही परिवार पर टूटा कहर… राहत-बचाव में जुटीं कई टीमें; जानिये घटना का पूरा अपडेट

पोलन एलर्जी का कारण और प्रभाव

रामनगर के वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ शाहिद रज़ा बैग के अनुसार फरवरी से अप्रैल के बीच आम, लीची और अन्य पेड़-पौधों में फ्लावरिंग होती है। इस दौरान वातावरण में अत्यधिक मात्रा में पोलन कण फैल जाते हैं, जो हवा के जरिए लोगों के शरीर में प्रवेश कर जाते हैं।

उन्होंने बताया कि यह समस्या शरीर की इम्यून सिस्टम की प्रतिक्रिया के कारण होती है। जब पोलन कण शरीर में जाते हैं, तो शरीर उन्हें बाहरी तत्व मानकर प्रतिक्रिया करता है। इसी कारण एलर्जी के लक्षण जैसे आंखों में खुजली, लालिमा, पानी आना, नाक बहना, छींक आना और सांस लेने में कठिनाई जैसी समस्याएं सामने आती हैं।

रामनगर में बढ़े एलर्जी के मरीज (फोटो सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)

सुबह के समय ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत

डॉ बैग ने बताया कि सुबह के समय हवा में पोलन की मात्रा अधिक होती है, इसलिए इस समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। खासकर ऐसे लोग जो पहले से अस्थमा या एलर्जी से पीड़ित हैं, उन्हें अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचना चाहिए।

डॉक्टरों ने दी सावधानी बरतने की सलाह

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस मौसम में कुछ जरूरी सावधानियां अपनाने की सलाह दी है। बाहर निकलते समय मास्क का उपयोग करें, ताकि पोलन कण सीधे शरीर में प्रवेश न कर सकें। इसके अलावा, बागानों और अधिक पेड़-पौधों वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।

घर लौटने के बाद हाथ और चेहरा अच्छी तरह साफ पानी से धोना भी जरूरी है। आंखों की सुरक्षा के लिए बड़े फ्रेम वाले सनग्लास पहनना फायदेमंद हो सकता है, जिससे पोलन सीधे आंखों के संपर्क में न आए।

मैनपुरी में अचानक भरभराकर गिरी कच्ची दीवार, मासूमों की चीखों से गूंज उठा गांव…आखिर कैसे हुआ इतना बढ़ा हादसा

समय पर इलाज जरूरी

डॉ बैग ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी व्यक्ति को ज्यादा परेशानी महसूस हो रही है, तो उसे लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। डॉक्टर की सलाह से एंटी-एलर्जी दवाइयों का सेवन करना चाहिए। समय पर इलाज न कराने से समस्या गंभीर रूप ले सकती है।

लोगों को सतर्क रहने की अपील

इस मौसम में बढ़ती एलर्जी की समस्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और डॉक्टरों ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। थोड़ी सी सावधानी अपनाकर इस परेशानी से काफी हद तक बचा जा सकता है।

Location : 
  • Ramnagar

Published : 
  • 18 March 2026, 1:02 PM IST