क्यूडी मलाश दशजूला गांव में महिला मंगल, ग्राम प्रधान और सरपंच की अध्यक्षता में शराब पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया। सामाजिक, धार्मिक और शादी समारोहों में उल्लंघन पर 21 हजार रुपये का जुर्माना और अशांति पर 11 हजार रुपये का दंड तय किया गया।

सामाजिक कार्यों में शराब बैन (Img- Internet)
Rudraprayag: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जनपद के अगस्त्यमुनि विकास खंड के क्यूडी मलाश दशजूला गांव ने शराब के सेवन और परोसने पर सख्त प्रतिबंध लगाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। यह फैसला 11 जनवरी को गांव की खुली ग्राम सभा, महिला मंगल दल की बैठक और ग्राम पंचायत के सरपंच की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया।
बैठक में प्रस्ताव पास किया गया कि गांव की सीमा में किसी भी सामाजिक, धार्मिक या शादी विवाह के अवसर पर शराब परोसने या पीने पर 21 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। यह कदम सामाजिक कार्यों और धार्मिक आयोजनों में शराब के दुरुपयोग को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है। जो व्यक्ति इन नियमों का उल्लंघन करेगा, उसे गांव की सामाजिक गतिविधियों से बाहर कर दिया जाएगा।
साथ ही गांव में शराब पीकर झगड़ा, गाली-गलौज या अन्य असामाजिक गतिविधियों में लिप्त होने पर 11 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पुलिस चौकी चोपता से संपर्क कर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। यह प्रावधान गांव में सामाजिक शांति बनाए रखने और माहौल सुधारने के लिए जरूरी माना गया है।
महिला मंगल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में ग्राम प्रधान की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। महिला मंगल की अध्यक्ष ने बताया कि कई महिलाएं नियमित बैठक में नहीं आतीं, इसलिए उन्हें भी 1,000 रुपये का दंड लगाने का प्रावधान रखा गया है। यह कदम महिलाओं को सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करने और सामाजिक सुधार में योगदान देने के उद्देश्य से लिया गया है।
गांव के नेताओं का कहना है कि शराब के अंधाधुंध सेवन से गांव की गढ़वाली संस्कृति प्रभावित हो रही है। शादी-विवाह और अन्य सामाजिक कार्यक्रमों में शराब परोसने की प्रथा नई पीढ़ी पर गलत प्रभाव डाल रही है। इसे रोकने और भविष्य में सांस्कृतिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया गया है।
महिला मंगल दल
क्यूडी मलाश दशजूला का यह कदम न केवल गांव में बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी एक मिसाल के रूप में देखा जा रहा है। यह निर्णय भविष्य में सामाजिक कार्यों और आयोजनों में शराब की रोकथाम के लिए उदाहरण बनेगा। गांव प्रशासन और महिला मंगल दल ने सभी नागरिकों से सहयोग और नियमों का पालन करने की अपील की है।
गांव में नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए पुलिस चौकी चोपता के साथ भी समन्वय रखा गया है। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए पंचायत और पुलिस मिलकर काम करेंगे।
क्यूडी मलाश दशजूला गांव का यह कदम यह दिखाता है कि स्थानीय समुदाय अपनी संस्कृति और सामाजिक मूल्य बनाए रखने के लिए सख्त निर्णय लेने में सक्षम है। महिला मंगल, ग्राम प्रधान और सरपंच की सक्रिय भागीदारी ने इस निर्णय को प्रभावशाली और क्रियान्वयन योग्य बनाया है।