
बदरीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी (सोर्स- Pinterest)
Dehradun: अभी अयोध्या के भव्य राम मंदिर में दानपात्र से चढ़ावा चोरी और वित्तीय प्रबंधन का विवाद थमा भी नहीं था कि देश के एक और बड़े सनातन केंद्र उत्तराखंड के प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम से भी आस्था को ठेस पहुंचाने वाली बड़ी खबर आ गई है। अयोध्या डोनेशन स्कैम की तरह ही अब बदरीनाथ धाम में भी दान-चढ़ावे में भारी हेराफेरी और वित्तीय गड़बड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है।
इस महाघोटाले के उजागर होते ही बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने पहले ही दिन बेहद सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा संदेश दिया है। मंगलवार को जब विभागीय जांच समिति पहली बार बदरीनाथ धाम पहुंची, तो शुरुआती जांच में ही बीकेटीसी अध्यक्ष कार्यालय में तैनात वैयक्तिक सहायक (PA) प्रमोद नौटियाल की भूमिका पूरी तरह संदेह के घेरे में पाई गई, जिसके बाद मंदिर प्रबंधन में हड़कंप मच गया है।
विभागीय जांच समिति को अपनी पहली ही पड़ताल में प्रमोद नौटियाल के खिलाफ कई ऐसे गंभीर और पुख्ता तथ्य मिले, जिससे प्रथम दृष्टया यह साबित हो गया कि दान-चढ़ावे से जुड़े इस पूरे खेल में उनकी भूमिका संदिग्ध है। समिति ने तुरंत इन चौंकाने वाले तथ्यों से बीकेटीसी के उच्चाधिकारियों को मौखिक रूप से अवगत कराया।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बीकेटीसी प्रशासन ने बिना किसी देरी के प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इसके साथ ही, देर शाम तक उनके खिलाफ पुलिस में तहरीर देकर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने की कानूनी तैयारी भी तेजी से चल रही थी।
सूत्रों के मुताबिक, बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने साफ कर दिया है कि मंदिर की साख और भक्तों की आस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने इस विभागीय कार्रवाई के जरिए यह स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की है कि मंदिर के वित्तीय प्रबंधन और दान-पुण्य के पैसों में पूरी पारदर्शिता रखी जाएगी। अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट पर उठ रहे सवालों के बीच, बदरीनाथ मंदिर समिति ने तुरंत कड़ा एक्शन लेकर यह जता दिया है कि वे इस मामले को दबाने के मूड में बिल्कुल नहीं हैं।
बदरीनाथ धाम के इस दान-चढ़ावा प्रकरण में हुई इस शुरुआती और बड़ी कार्रवाई के बाद अब जांच का दायरा काफी व्यापक होने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, विभागीय और उच्चस्तरीय जांच समितियां अब केवल एक व्यक्ति यानी प्रमोद नौटियाल की भूमिका तक ही सीमित नहीं रहेंगी। इस पूरे वित्तीय घटनाक्रम, धन प्रबंधन के तरीकों और बैंक खातों की बारीकी से पड़ताल की जाएगी।
Badrinath: राम मंदिर विवाद के बाद केदारनाथ-बदरीनाथ में भी चोरी, चढ़ावे पर सख्त हुई मंदिर समिति?
आने वाले दिनों में जांच को पुख्ता करने के लिए मंदिर के पिछले कई महीनों के दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और वहां तैनात संबंधित कर्मचारियों के बयान दर्ज किए जाएंगे। जांच टीम का मानना है कि यदि इस प्रक्रिया के दौरान किसी भी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता पाई जाती है, तो उनके खिलाफ भी समान रूप से कड़ी विभागीय और कानूनी कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी। जैसे-जैसे यह जांच आगे बढ़ेगी, अयोध्या की तरह यहाँ भी कई और रसूखदार नाम सामने आ सकते हैं।
Location : Dehradun
Published : 8 July 2026, 10:08 AM IST