
मातृ शक्ति और शिक्षा के विकास पर सीएम योगी का जोर (सोर्स- AI Generated)
Lucknow: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर जगतजननी मां भगवती के स्कंदमाता स्वरूप की महिमा का उल्लेख करते हुए नारीशक्ति के उत्थान को देश और प्रदेश की प्रगति का मुख्य आधार बताया है। उन्होंने कहा कि मां स्कंदमाता वात्सल्य, ममता और पोषण की अधिष्ठात्री देवी हैं, जिनकी आराधना हमें बताती है कि जब नारीशक्ति स्वस्थ, शिक्षित और समर्थ होती है, तब राष्ट्र का वर्तमान सुरक्षित और भविष्य पूरी तरह उज्ज्वल बनता है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपने संदेश के जरिए पूर्ववर्ती सरकारों की कार्यशैली और वर्तमान सरकार के दौरान हुए सकारात्मक बदलावों पर विस्तार से अपनी बात रखी।
पहले अस्पतालों की बदहाली, जरूरी दवाओं के अभाव और संस्थागत प्रसव की कमजोर व्यवस्था के कारण मातृ-शिशु मृत्यु दर चिंताजनक स्तर पर पहुंच चुकी थी। इसके अलावा, सुविधाओं के भारी अभाव के कारण प्रदेश की लाखों बेटियां अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ने को मजबूर थीं।
बीते साढ़े नौ वर्षों में आए बदलावों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने इस पूरी तस्वीर को बदलकर रख दिया है। सरकार ने बेटी के जन्म लेने से लेकर उसकी उच्च शिक्षा और सुरक्षित मातृत्व तक एक समग्र सुरक्षा एवं कल्याण चक्र तैयार किया है।
इस व्यवस्था के परिणामस्वरूप आज प्रदेश की माताओं और बेटियों को स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व संबल प्राप्त हुआ है।
मुख्यमंत्री ने बदले हुए परिदृश्य के आंकड़े साझा करते हुए बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन आए हैं-
ऑपरेशन कायाकल्प की सफलता: इस अभियान के तहत प्राथमिक विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं का सैचुरेशन 36 प्रतिशत से बढ़कर 96 प्रतिशत से अधिक हो गया है, जिससे स्कूलों की सूरत पूरी तरह बदल गई है।
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ड्रॉपआउट दर में भारी गिरावट: शिक्षा के प्रति जागरूकता और बेहतर सुविधाओं के कारण स्कूल ड्रॉपआउट रेट 20 प्रतिशत से घटकर अब 3 प्रतिशत से भी काफी कम रह गया है।
आधुनिक आवासीय शिक्षा: अटल आवासीय विद्यालयों के माध्यम से श्रमिक वर्ग और वंचित परिवारों की बेटियों को आधुनिक और विश्वस्तरीय आवासीय शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।
कस्तूरबा विद्यालयों का विस्तार: कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में कक्षा 12 तक पढ़ाई की सुविधा का विस्तार किया गया है, जिससे बेटियों को अपनी स्कूली शिक्षा बिना किसी बाधा के पूरी करने के भरपूर अवसर मिल रहे हैं।
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जोर देकर कहा कि बेटियों की शिक्षा में किया जाने वाला निवेश केवल लाभ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने और पूरे प्रदेश के भविष्य को सशक्त बनाने का सबसे मजबूत जरिया है।
Location : Lucknow
Published : 15 October 2026, 12:33 PM IST