मैनपुरी के किशनी थाना क्षेत्र में नाबालिग बालिकाओं के अपहरण और दुष्कर्म का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित पिता ने पुलिस पर लापरवाही और दबाव बनाने के आरोप लगाते हुए एसपी से शिकायत की है।

पीड़ित लड़की ने बताई आपबीती
Mainpuri: मैनपुरी के थाना किशनी क्षेत्र से नाबालिग बालिकाओं के अपहरण और दुष्कर्म से जुड़ा बेहद गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित पिता ने पुलिस अधीक्षक मैनपुरी को शिकायती प्रार्थना-पत्र देकर आरोप लगाया है कि पुलिस ने आरोपियों पर सख्त कार्रवाई करने के बजाय मामले को दबाने की कोशिश की। इस घटना के बाद इलाके में आक्रोश और चिंता का माहौल है।
गांव से बहला-फुसलाकर भगाने का आरोप
पीड़ित के मुताबिक, उसकी 13 साल 6 माह की पुत्री और करीब 14 साल 6 माह की भतीजी को गांव के ही करण पुत्र रविंद्र और विकल पुत्र अतुल बहला-फुसलाकर 25 जनवरी 2026 को भगा ले गए। इस मामले में परिजनों ने अगले दिन 26 जनवरी को थाना किशनी में मुकदमा संख्या 43/2026 दर्ज कराया।
राजस्थान से हुई बरामदगी, दुष्कर्म का आरोप
पुलिस ने बाद में दोनों आरोपियों को जयपुर (राजस्थान) के थाना अम्बेर क्षेत्र में सीबीगंज भट्टा मार्ग के पास से पकड़कर नाबालिग बालिकाओं को बरामद किया। पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने उसी भट्टे पर उसकी पुत्री के साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया, जिसे उसकी भतीजी ने अपनी आंखों से देखा।
दरोगा पर धमकाने और गुमराह करने के आरोप
पीड़ित पिता ने आरोप लगाया कि विवेचना के दौरान दरोगा कपिल सिंह ने परिवार को गुमराह किया। इतना ही नहीं, दरोगा पर आरोप है कि उसने आरोपियों से कथित रूप से लाभ लेकर लड़कियों के साथ मारपीट की और उन्हें धमकाया कि न्यायालय में सही बयान न दें और दुष्कर्म की बात न कहें।
डर के कारण कोर्ट में बदला बयान, आरोपी छूटे
पीड़ित का कहना है कि दबाव और डर के चलते दोनों नाबालिग बालिकाओं ने न्यायालय में पुलिस के कहे अनुसार बयान दे दिए, जिसके बाद आरोपी छूट गए। अब पिता ने अपनी पुत्री को साथ लेकर एसपी से पूरे घटनाक्रम की शिकायत की है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस का बयान
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।