फतेहपुर में वकीलों का उग्र प्रदर्शन, लोक अदालत का बहिष्कार कर सड़क पर उतरे अधिवक्ता; जानें क्या है इसकी वजह?

फतेहपुर में जिला न्यायालय परिसर में लगने वाली लोक अदालत का अधिवक्ताओं ने बहिष्कार कर दिया। चौफेरवा मामले में चार वकीलों की गिरफ्तारी और जमानत खारिज होने से नाराज अधिवक्ता सड़क पर उतर आए और कचेहरी रोड जाम कर प्रदर्शन किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।

Post Published By: Subhash Raturi
Updated : 14 March 2026, 3:01 PM IST

Fatehpur: फतेहपुर की कचेहरी में शनिवार सुबह अचानक हालात बिगड़ गए। अदालत परिसर में लगने वाली लोक अदालत शुरू होने से पहले ही गुस्साए अधिवक्ता सड़क पर उतर आए और विरोध का ऐसा माहौल बन गया कि पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, नाराज वकीलों ने न सिर्फ लोक अदालत का बहिष्कार किया, बल्कि कचेहरी रोड पर जाम लगाकर जोरदार प्रदर्शन भी किया। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि पुलिस को मौके पर भारी फोर्स तैनात करनी पड़ी। वकीलों का आरोप है कि पुलिस ने चार अधिवक्ताओं को गलत तरीके से एक मामले में फंसा दिया है, जिसके विरोध में यह प्रदर्शन किया गया।

अधिवक्ताओं ने किया बहिष्कार

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में शनिवार को जिला न्यायालय परिसर में आयोजित होने वाली लोक अदालत का अधिवक्ताओं ने सामूहिक रूप से बहिष्कार कर दिया। आमतौर पर लोक अदालत में बड़ी संख्या में लोग अपने विवादों के समाधान के लिए पहुंचते हैं, लेकिन इस बार अधिवक्ताओं के विरोध के चलते माहौल पूरी तरह बदल गया। जैसे ही लोक अदालत की कार्यवाही शुरू होने का समय नजदीक आया, अधिवक्ता संगठनों ने इसका विरोध करते हुए अदालत की प्रक्रिया में शामिल होने से इनकार कर दिया। इसके बाद बड़ी संख्या में वकील न्यायालय परिसर से निकलकर कचेहरी रोड पर पहुंच गए और सड़क पर ही प्रदर्शन शुरू कर दिया।

प्रदर्शन से मची अफरा-तफरी

वकीलों के अचानक सड़क पर उतर आने से कचेहरी रोड पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं ने सड़क पर जाम लगा दिया और जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। कुछ ही देर में सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोग और राहगीर भी इस स्थिति से परेशान दिखाई दिए। प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने लोक अदालत में शामिल होने के लिए जा रहे बैंक अधिकारियों को भी रास्ते में रोक दिया। इस वजह से लोक अदालत की प्रक्रिया पर भी असर पड़ा।

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चौफेरवा मामले में गिरफ्तारी से भड़का आक्रोश

दरअसल पूरा विवाद चौफेरवा से जुड़े एक मामले को लेकर शुरू हुआ। जानकारी के मुताबिक इस मामले में पुलिस ने चार अधिवक्ताओं को आरोपी बनाते हुए उन्हें गिरफ्तार किया था और बाद में न्यायालय में पेश किया गया। अधिवक्ताओं की ओर से अदालत में जमानत याचिका दाखिल की गई थी, लेकिन अदालत ने उनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी। जमानत खारिज होने की खबर जैसे ही अन्य वकीलों तक पहुंची, उनमें आक्रोश फैल गया।

पुलिस पर लगाया ये आरोप

प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं का कहना है कि पुलिस ने चारों वकीलों को इस मामले में गलत तरीके से फंसाया है। उनका आरोप है कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से नहीं की गई और जल्दबाजी में कार्रवाई कर दी गई। वकीलों ने यह भी आरोप लगाया कि मामले में सामने आए सुसाइड नोट की भी ठीक से जांच नहीं की गई है। उनका कहना है कि जांच के कई अहम पहलुओं को नजरअंदाज किया गया है।

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हालात संभालने के लिए पुलिस बल तैनात

वकीलों के प्रदर्शन और सड़क जाम की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया। मौके पर कई थानों की पुलिस के साथ अतिरिक्त बल भी तैनात किया गया। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं से बातचीत की और स्थिति को शांत करने की कोशिश की। साथ ही यातायात को सामान्य कराने के लिए भी प्रयास किए गए।

Location : 
  • Fatehpur

Published : 
  • 14 March 2026, 3:01 PM IST