शिव की नगरी से ‘ग्लोबल कनेक्टिविटी’! क्या 200 करोड़ का क्रूज टर्मिनल प्रोजेक्ट बदलेगा UP का भविष्य?

अब वाराणसी सिर्फ धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय जल पर्यटन और व्यापार का बड़ा केंद्र बनने की तैयारी में है। 200 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यूपी का पहला अंतरराष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल आखिर कितना बड़ा होगा और इससे कितने नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे?

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 30 August 2026, 1:19 PM IST

Varanasi: उत्तर प्रदेश के पर्यटन और जल परिवहन क्षेत्र में एक बड़ी परियोजना की तैयारी शुरू हो गई है। वाराणसी में प्रदेश का पहला अंतरराष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल बनाया जाएगा। इस परियोजना पर करीब 200 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। टर्मिनल बनने के बाद यहां देश-दुनिया से आने वाले बड़े क्रूज जहाजों और मालवाहक जहाजों के ठहराव की सुविधा विकसित होगी।

प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल का निर्माण सामनेघाट क्षेत्र में किया जाएगा। इसके लिए नगर निगम की ओर से करीब दो एकड़ जमीन उपलब्ध कराई जाएगी, जबकि निर्माण कार्य भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) की ओर से कराया जाएगा।

एक समय में 10 हजार यात्रियों की होगी क्षमता

आईडब्ल्यूएआई के निदेशक संजीव कुमार के अनुसार, जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द पूरी किए जाने की तैयारी है। सामनेघाट में बनने वाले अंतरराष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल में एक समय में करीब 10,000 यात्रियों के आवागमन की क्षमता विकसित की जाएगी।

टर्मिनल पर अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की सुविधाओं और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आधुनिक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने की योजना है। यहां इमिग्रेशन और कस्टम्स काउंटर, सुरक्षा जांच काउंटर, डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर, बैगेज स्कैनर और सीसीटीवी निगरानी जैसी सुविधाएं प्रस्तावित हैं।

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यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

क्रूज टर्मिनल में यात्रियों के लिए पैसेंजर लाउंज, बैगेज ट्रॉली, इलेक्ट्रिक बग्गी, आधुनिक शौचालय और मोबाइल चार्जिंग पॉइंट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

इसके अलावा टर्मिनल परिसर में कैफेटेरिया और ड्यूटी-फ्री शॉपिंग के लिए व्यावसायिक स्थान भी विकसित किए जाने की योजना है। यात्रियों के लिए वाहन पार्किंग और प्रीपेड टैक्सी की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

प्रस्तावित टर्मिनल को दिव्यांगजन-अनुकूल बनाने की भी योजना है। फिलहाल परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी डीपीआर तैयार की जा रही है।

कोच्चि के टर्मिनल से करीब 3.6 गुना बड़ा होगा क्षेत्र

तुलना के तौर पर कोच्चि के सागरिका में करीब 2,253 वर्गमीटर क्षेत्र में क्रूज टर्मिनल बनाया गया है। वहां इमिग्रेशन काउंटर, कस्टम्स काउंटर, बैगेज स्कैनर, लाउंज, ड्यूटी-फ्री शॉप और पार्किंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

वहीं वाराणसी के सामनेघाट में प्रस्तावित क्रूज टर्मिनल करीब 8,094 वर्गमीटर, यानी लगभग दो एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। क्षेत्रफल के लिहाज से यह प्रस्तावित टर्मिनल कोच्चि के सागरिका क्रूज टर्मिनल से करीब 3.6 गुना बड़ा होगा।

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हल्दिया तक जल परिवहन और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

अंतरराष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल बनने के बाद वाराणसी से जल परिवहन को नई गति मिलने की उम्मीद है। गंगा जलमार्ग के जरिए पर्यटन के साथ-साथ हल्दिया तक जल परिवहन और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

इस परियोजना से उन व्यापारिक संभावनाओं को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है, जो अभी तक जलमार्ग के पर्याप्त बुनियादी ढांचे के अभाव में सीमित थीं।

स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर

टर्मिनल के निर्माण के बाद पर्यटन, परिवहन, होटल, खानपान, टैक्सी सेवा और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना है।

बड़े क्रूज जहाजों और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के आगमन से वाराणसी के व्यापार और पर्यटन को नई पहचान मिल सकती है। साथ ही जलमार्ग के माध्यम से माल परिवहन बढ़ने पर स्थानीय और क्षेत्रीय व्यापार को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।

वाराणसी में अंतरराष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल का निर्माण प्रदेश की बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में शामिल होने जा रहा है। करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह टर्मिनल पर्यटन, व्यापार और रोजगार के क्षेत्र में वाराणसी के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल सकता है।

Location :  Varanasi

Published :  30 August 2026, 1:19 PM IST