
भीषण गर्मी में यूपी में जल संकट गहराया (Img: Google)
Lucknow: उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और लू ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। तापमान बढ़ने के साथ ही लोगों में बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। दिन और रात दोनों समय गर्म हवाओं के कारण लोग परेशान हैं। लगातार बढ़ती गर्मी ने ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में हालात मुश्किल कर दिए हैं।
प्रदेश के कई जिलों में बिजली कटौती ने जल संकट को और बढ़ा दिया है। बिजली न आने के कारण पानी सप्लाई बाधित हो रही है, जिससे लोगों को पीने और दैनिक उपयोग के लिए पानी जुटाने में कठिनाई हो रही है। कई जगहों पर हैंडपंप और मोटर भी बंद पड़े रहते हैं, जिससे समस्या और बढ़ जाती है।
मिर्जापुर में 24 घंटे तक बिजली संकट रहने से लाखों लोगों को पानी की भारी किल्लत झेलनी पड़ी। चित्रकूट के ग्रामीण इलाकों में भी बिजली और जल संकट लगातार बना हुआ है। सुल्तानपुर में भी तकनीकी खराबी और लोड की समस्या के चलते कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित रही, जिससे लोगों का जीवन प्रभावित हुआ।
इन हालातों में एक बार फिर पुराने जल स्रोत यानी कुएं चर्चा में आ गए हैं। कई गांवों और कस्बों में लोग अब कुओं की सफाई करवा रहे हैं और उन्हें दोबारा उपयोग में लाने की कोशिश कर रहे हैं। इससे यह सवाल उठने लगा है कि क्या आधुनिक जल व्यवस्था की कमी के चलते कुओं का पारंपरिक दौर फिर से लौट रहा है।
कुएं का पानी गर्मी के मौसम में अपेक्षाकृत ठंडा और राहत देने वाला माना जाता है। यही कारण है कि लोग इसे प्राकृतिक जल स्रोत के रूप में महत्व देते हैं। हालांकि लंबे समय तक सफाई न होने पर कुएं का पानी दूषित भी हो सकता है, इसलिए नियमित देखभाल और सफाई जरूरी होती है।
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वाराणसी में नगर निगम द्वारा 541 कुओं की सफाई और सौंदर्यीकरण का काम चल रहा है। काशी थीम पर पेंटिंग के जरिए इन जल स्रोतों को न सिर्फ साफ किया जा रहा है बल्कि जागरूकता भी फैलाई जा रही है। यह पहल बताती है कि पारंपरिक जल स्रोतों को फिर से मजबूत करने की दिशा में प्रयास शुरू हो चुके हैं।
Location : Varanasi
Published : 23 May 2026, 10:50 AM IST
Topics : Kashi theme painting municipal corporation Varanasi Varanasi News water conservation initiative wells cleaning campaign