
अधिकारियों की टीमें करेंगी स्कूलों की जांच Pinterest
Lucknow: उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में सुविधाओं और व्यवस्थाओं को लेकर सामने आ रही शिकायतों के बाद सरकार सक्रिय हो गई है। शासन के निर्देश पर अब जिलों में स्कूलों की अवस्थापना सुविधाओं का भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है। इसके साथ ही जहां कमियां मिल रही हैं, वहां जरूरी सुधार कार्य कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
उन्नाव और बुलंदशहर समेत कई जिलों में स्कूलों के सत्यापन के लिए अधिकारियों की टीमें बनाई गई हैं। उन्नाव में जिलाधिकारी घनश्याम मीना ने एसडीएम, खंड विकास अधिकारी और अधिशासी अधिकारियों को स्कूलों का भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं।
अधिकारियों को कम से कम पांच विद्यालयों का सत्यापन कर 29 अगस्त तक बेसिक शिक्षा अधिकारी को रिपोर्ट देनी है। रिपोर्ट में शिक्षकों और छात्रों की संख्या, उनकी उपस्थिति, विद्यालय में साफ-सफाई और शौचालयों की स्थिति समेत कई बिंदुओं की जानकारी शामिल की जाएगी।
बुलंदशहर में जिलाधिकारी कुमार हर्ष ने 126 विद्यालयों के सत्यापन के लिए अधिकारियों की टीम गठित की है। इन टीमों के जरिए स्कूलों में उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का पता लगाया जाएगा।
मुख्य सचिव की ओर से पहले ही विद्यालयों की सुविधाओं को बेहतर करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर सामने आने वाली स्कूलों से जुड़ी पोस्ट की निगरानी और उनके तथ्यों की जांच करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
सरकार ने स्कूलों की व्यवस्थाओं से जुड़े दावों को लेकर भी निगरानी बढ़ाई है। बेसिक शिक्षा विभाग को स्कूलों की स्थिति पर नजर रखने के साथ सामने आने वाली शिकायतों और सोशल मीडिया पोस्ट की तथ्यात्मक जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
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इधर आम आदमी पार्टी की ओर से सरकारी स्कूलों की स्थिति दिखाने वाला वीडियो अभियान कुछ जिलों में एफआईआर के बावजूद जारी है। आप सांसद संजय सिंह ने सरकारी विद्यालयों की स्थिति को लेकर राज्यसभा की याचिका समिति में शिकायत भी दर्ज कराई है।
शिकायत में शिक्षा योजनाओं में कम राशि के इस्तेमाल और स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी जैसे मुद्दे उठाए गए हैं। संजय सिंह ने देशभर के सरकारी विद्यालयों के बुनियादी ढांचे का आकलन कराने की मांग की है।
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संजय सिंह ने कमियों की पहचान कर समयबद्ध तरीके से उनका समाधान करने की मांग की है। इसके अलावा समग्र शिक्षा और पीएम-पोषण योजनाओं की राज्यवार विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। इसमें बजट आवंटन, जारी की गई धनराशि और उसके इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी शामिल करने की मांग की गई है।
अब औचक निरीक्षण और भौतिक सत्यापन के बाद स्कूलों की जमीनी स्थिति की तस्वीर सामने आने का इंतजार है।
Location : Lucknow
Published : 27 August 2026, 10:09 AM IST
Topics : School Inspection UP Education UP School News