चंदौली में मौलाना अब्दुल्ला सलीम की ओर से मुख्यमंत्री योगी की मां पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं और पूर्व सैनिकों में आक्रोश फैल गया। डीडीयू नगर के सुभाष पार्क के पास प्रदर्शन कर पुतला फूंका गया और प्रशासन से मौलाना के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई।

घटना की जानकारी देते एएसपी सिद्धार्थ के मिश्रा
Chandauli: उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर माहौल गरमा गया। इस टिप्पणी से नाराज भाजपा कार्यकर्ताओं और पूर्व सैनिकों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस प्रकार की बयानबाजी न केवल एक व्यक्ति का अपमान है, बल्कि समाज में अनावश्यक वैमनस्य फैलाने का भी प्रयास है।
उन्होंने कहा कि इस तरह की भाषा और टिप्पणियों को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। भाजपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री के परिवार के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करना पूरी तरह से गलत है और इससे समाज में गलत संदेश जाता है। इसी कारण बड़ी संख्या में लोग विरोध दर्ज कराने के लिए सड़कों पर उतरे।
डीडीयू नगर के सुभाष पार्क के पास भाजपा कार्यकर्ताओं और पूर्व सैनिकों ने एकत्र होकर मौलाना अब्दुल्ला सलीम के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की और मौलाना का पुतला फूंका। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर विरोध जताया। उन्होंने कहा कि किसी भी सार्वजनिक मंच से इस तरह की टिप्पणी करना समाज में तनाव पैदा कर सकता है।
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मौके पर मौजूद भाजपा नेता और पूर्व सैनिक के. एन. पांडे ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ या उनके परिवार के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस तरह की बयानबाजी समाज में वैमनस्य फैलाने का काम करती है और इसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन से मौलाना अब्दुल्ला सलीम के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। उनका कहना था कि यदि ऐसे मामलों में समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में इस तरह की बयानबाजी बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए समान है और किसी को भी सामाजिक या राजनीतिक माहौल खराब करने की छूट नहीं दी जानी चाहिए।
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प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उचित कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। फिलहाल इस प्रदर्शन के बाद पूरे इलाके में इस मुद्दे को लेकर चर्चा का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर बयान देते समय सभी को संयम और जिम्मेदारी का परिचय देना चाहिए, ताकि समाज में शांति और सौहार्द बना रहे।