UP Weather: सितंबर के आखिर में यूपी में इतनी बारिश क्यों? किन इलाकों पर सबसे ज्यादा असर; कई जिलों में रेड अलर्ट

सितंबर के आखिर में यूपी में हुई लगातार बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया। कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बने, तो गांवों में फसलों और कच्चे मकानों पर असर पड़ा। इस Special Story में जानिए बारिश का असर किन हिस्सों में सबसे ज्यादा दिखा और इससे कितना नुकसान हुआ।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 28 September 2026, 7:54 AM IST

Lucknow: दो दिनों की भारी बारिश के बाद 28 सितंबर को उत्तर प्रदेश में मौसम कुछ राहत देने वाला रहेगा। मौसम विभाग ने पूर्वी और पश्चिमी यूपी के लिए आज कोई अलर्ट जारी नहीं किया है। हालांकि कई जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश, गरज-चमक और बौछारें पड़ सकती हैं।

इन जिलों में बारिश की संभावना

आज सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मुरादाबाद, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, लखनऊ, बाराबंकी, बहराइच, गोंडा, बलरामपुर, अयोध्या, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, जौनपुर, आजमगढ़, गाजीपुर, वाराणसी, बस्ती, सिद्धार्थनगर, महराजगंज, गोरखपुर, कुशीनगर और देवरिया समेत कई जिलों में हल्की बारिश या बौछार की संभावना है।

भारी बारिश से अब मिलेगी राहत

मौसम विभाग के पूर्वानुमान में 28 सितंबर के बाद पूर्वी और पश्चिमी यूपी के लिए कोई भारी बारिश की चेतावनी नहीं है। इसका मतलब है कि पिछले दिनों जैसा तेज बारिश का दौर फिलहाल कमजोर पड़ता दिख रहा है। हालांकि, जिन इलाकों में पहले से जलभराव है, वहां पानी निकलने में समय लग सकता है। नदियों और निचले इलाकों में भी प्रशासन की निगरानी जारी रखना जरूरी होगा।

बारिश के बाद फिर बढ़ेगा तापमान

बारिश की गतिविधियां कम होने के साथ प्रदेश में दिन का तापमान फिर बढ़ने की संभावना है। ऐसे में अगले कुछ दिनों में बारिश से राहत के साथ उमस और गर्मी का असर दोबारा महसूस हो सकता है।

आखिर इस बार सितंबर के इतनी बारिश क्यों? 

सितंबर का आखिरी दौर चल रहा है और आमतौर पर इस समय उत्तर प्रदेश में मानसून की विदाई शुरू हो जाती है। लेकिन इस बार सितंबर के अंतिम दिनों में बारिश ने प्रदेश के कई हिस्सों में हालात बदल दिए। कहीं सड़कें पानी में डूबीं, कहीं खेतों में खड़ी धान की फसल गिर गई, तो कहीं मकान, पेड़ और बिजली के पोल तक बारिश और तेज हवा की चपेट में आ गए।

पिछले दो दिनों की भारी बारिश के बाद अब 28 सितंबर से मौसम में बदलाव के संकेत हैं। ऐसे में बड़ा सवाल है कि सितंबर के आखिर में यूपी में इतनी बारिश आखिर क्यों हुई और अब अचानक बारिश कम होने की वजह क्या है?

बारिश के पीछे क्या था मौसम सिस्टम?

मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में बारिश के इस दौर के पीछे सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र और उससे जुड़ी मौसम प्रणाली रही। बंगाल की खाड़ी से आई नमी और सक्रिय सिस्टम के कारण यूपी के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज हुईं।

मानसून की विदाई का समय होने के बावजूद सक्रिय मौसम प्रणाली ने वातावरण में मौजूद नमी को बारिश में बदल दिया। यही वजह रही कि सितंबर के आखिरी सप्ताह में कई जिलों में सामान्य दिनों की तुलना में बारिश काफी ज्यादा हुई।

मानसून की विदाई के समय क्यों बरसे बादल?

मानसून की विदाई का मतलब यह नहीं है कि पूरे प्रदेश में एक साथ बारिश बंद हो जाती है। विदाई के दौर में भी अगर निम्न दबाव या कोई दूसरा सक्रिय सिस्टम बनता है तो बारिश का एक और दौर आ सकता है।

इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ। सिस्टम के प्रभाव से पूर्वांचल से लेकर मध्य यूपी और पश्चिमी हिस्सों तक बारिश हुई। हालांकि अब यह सिस्टम कमजोर पड़ रहा है, इसलिए 28 सितंबर से भारी बारिश से राहत के संकेत हैं।

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खेतों से शहर तक दिखा बारिश का असर

लगातार बारिश का सबसे ज्यादा असर कई इलाकों में जनजीवन और खेती पर दिखाई दिया। गोरखपुर में जलभराव के बाद नगर निगम को नालियों की सफाई और पानी की निकासी के लिए अभियान चलाना पड़ा। महराजगंज में नदी और जलभराव वाले संवेदनशील इलाकों की निगरानी बढ़ाई गई।

देवरिया में तेज बारिश और हवा के कारण खेतों में खड़ी धान की फसल गिर गई। कई जगह धान की बालियां पानी में डूब गईं, जबकि सब्जियों की खेती को भी नुकसान पहुंचा। किसानों को फसल खराब होने की चिंता सता रही है।

बारिश के साथ तेज हवा ने बढ़ाई मुश्किल

बारिश के साथ तेज हवाओं ने भी कई जिलों में नुकसान बढ़ाया। कानपुर देहात और प्रतापगढ़ में कच्चे मकान गिरने से जनहानि हुई। महराजगंज में पेड़ सड़क पर गिर गया, जिससे एक ट्रक दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

बलरामपुर में बड़ी संख्या में बिजली के पोल और ट्रांसफॉर्मर प्रभावित हुए। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। लगातार बारिश से कमजोर मकानों, पुराने पेड़ों और बिजली के ढांचे पर खतरा और बढ़ गया।

क्या बाढ़ का खतरा अभी भी है?

बारिश कम होने के बावजूद नदियों और निचले इलाकों पर नजर बनी हुई है। महराजगंज में प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण कर नदी के जलस्तर, बहाव और कटान की स्थिति देखी। वहीं बलरामपुर में राप्ती नदी के जलस्तर को लेकर भी निगरानी की गई।

बारिश थमने के बाद भी कई जगह जमा पानी निकलने में समय लग सकता है। ऐसे में निचले इलाकों में जलभराव की समस्या कुछ समय तक बनी रह सकती है।

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अब फिर बढ़ेगा तापमान

बारिश की गतिविधियां कम होने के साथ अब तापमान में भी बढ़ोतरी होगी। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में करीब 8 से 10 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। न्यूनतम तापमान भी 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ने का अनुमान है।

29 सितंबर को भी कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। 30 सितंबर को पश्चिमी यूपी में मौसम मुख्य रूप से साफ रहेगा, जबकि पूर्वी यूपी में कहीं-कहीं बारिश संभव है। इसके बाद 1 से 3 अक्टूबर तक प्रदेश में मौसम के मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है।

यानी सितंबर के आखिरी दिनों में यूपी में बारिश का यह दौर एक सक्रिय मौसम प्रणाली के कारण आया, जिसने कुछ ही दिनों में खेतों से लेकर शहरों तक अपना असर दिखाया। अब सिस्टम कमजोर पड़ने के साथ बारिश कम हो रही है और प्रदेश धीरे-धीरे सामान्य मौसम की ओर बढ़ रहा है।

Location :  Lucknow

Published :  28 September 2026, 7:49 AM IST