
मिर्जापुर-गाजीपुर लिंक एक्सप्रेसवे बनेगा (Img: pexels)
Lucknow: उत्तर प्रदेश में सड़क संपर्क को और मजबूत बनाने की दिशा में योगी सरकार ने दो नए एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को अंतिम रूप दे दिया है। विंध्य एक्सप्रेसवे और मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेसवे की डीपीआर अंतिम चरण में है और जल्द ही दोनों प्रस्तावों को राज्य कैबिनेट के सामने मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद प्रदेश के पूर्वी, मध्य, पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों के बीच यात्रा का समय करीब 40 प्रतिशत तक कम होने की संभावना है।
सरकारी योजना के अनुसार, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से मिर्जापुर होते हुए गाजीपुर तक एक नया लिंक एक्सप्रेसवे विकसित किया जाएगा। यह लिंक विंध्य एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा, जिससे पूर्वांचल, विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्र एक हाईस्पीड सड़क नेटवर्क के जरिए आपस में जुड़ जाएंगे। इसके अलावा चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे भी इस नेटवर्क को और मजबूत करेगा।
विंध्य एक्सप्रेसवे को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ते हुए प्रयागराज, वाराणसी, मिर्जापुर और सोनभद्र तक विकसित किया जाएगा। इससे इन जिलों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और औद्योगिक, व्यापारिक तथा पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
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दूसरी ओर, मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेसवे को मौजूदा दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के आगे हापुड़ से हरिद्वार तक विकसित किया जाएगा। इस परियोजना से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच आवागमन आसान होगा। धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ माल परिवहन को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद गंगा एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेसवे आपस में जुड़ जाएंगे। इससे उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा इंटरकनेक्टेड एक्सप्रेसवे नेटवर्क वाला राज्य बन जाएगा। साथ ही यात्रा समय में कमी आने के अलावा लॉजिस्टिक्स लागत भी घटेगी, जिससे उद्योग और व्यापार को बड़ा लाभ मिलेगा।
Location : Lucknow
Published : 8 July 2026, 4:03 PM IST