
किन उपभोक्ताओं को मिलेगा फायदा (Img; Pinterest)
Lucknow: उत्तर प्रदेश के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। राज्य में 10 सितंबर 2025 से 31 दिसंबर 2025 के बीच नया बिजली कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं से स्मार्ट प्रीपेड मीटर के नाम पर अतिरिक्त राशि वसूली गई थी। अब उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के आदेश के बाद यह अतिरिक्त धनराशि जुलाई 2026 से जारी होने वाले बिजली बिल में समायोजित कर वापस की जाएगी। बिजली कंपनियों ने इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
आदेश के अनुसार, सिंगल फेज कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं को लगभग 3,216 रुपये और थ्री फेज कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं को करीब 7,241 रुपये उनके बिजली बिल में एडजस्ट करके लौटाए जाएंगे। अनुमान है कि इस फैसले से लगभग 3,53,357 नए बिजली उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा।
उत्तर प्रदेश में नए बिजली कनेक्शन के साथ स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाना अनिवार्य किया गया था। इस दौरान बिजली कंपनियों ने सिंगल फेज स्मार्ट मीटर के लिए 6,016 रुपये और थ्री फेज मीटर के लिए 11,341 रुपये वसूले थे। बाद में राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने इस शुल्क को लेकर उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग में याचिका दायर की।
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सुनवाई के बाद आयोग ने स्मार्ट मीटर की वास्तविक कीमत निर्धारित करते हुए सिंगल फेज मीटर का शुल्क 2,800 रुपये और थ्री फेज मीटर का शुल्क 4,100 रुपये तय किया। इसके बाद परिषद ने उपभोक्ताओं से ली गई अतिरिक्त राशि वापस कराने की मांग उठाई। आयोग ने इस पर सहमति जताते हुए बिजली कंपनियों को अतिरिक्त धनराशि लौटाने का आदेश दिया।
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बिजली विभाग के अनुसार, उपभोक्ताओं को कुल 150 करोड़ रुपये से अधिक की राशि लौटाई जाएगी। इसमें थ्री फेज कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं को लगभग 127.85 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा। यदि किसी पात्र उपभोक्ता को जुलाई के बिल में राशि समायोजित नहीं मिलती है, तो वह संबंधित उपकेंद्र प्रभारी से संपर्क कर शिकायत दर्ज करा सकता है।
Location : Lucknow
Published : 1 July 2026, 3:26 PM IST