उत्तर प्रदेश में नए विद्युत कनेक्शन लेने वाले अब स्मार्ट और इलेक्ट्रॉनिक मीटर में अपनी पसंद चुन सकेंगे। आयोग ने इलेक्ट्रॉनिक मीटर के दाम भी तय किए- सिंगल फेज 767 रुपए, तीन फेज 1853 रुपए।

मीटर चुनने का विकल्प मिला (फोटो सोर्स- इंटरनेट)
Lucknow: उत्तर प्रदेश में नए विद्युत कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर आई है। अब विद्युत उपभोक्ता न केवल स्मार्ट मीटर बल्कि इलेक्ट्रॉनिक मीटर चुनने का विकल्प भी पा सकेंगे। इस निर्णय से उपभोक्ताओं को अपनी जरूरत और बजट के अनुसार मीटर का चयन करने की सुविधा मिलेगी।
यूपी विद्युत नियामक आयोग (UPERC) ने हाल ही में यह नई सुविधा लागू करने का आदेश दिया है। इसके तहत नए कनेक्शन लेने वाले ग्राहकों को यह विकल्प मिलेगा कि वे स्मार्ट मीटर या नॉन-स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक पोस्टपेड मीटर में से किसी एक का चयन कर सकें। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को उनकी सुविधानुसार मीटर प्रदान करना और बिजली वितरण में पारदर्शिता बढ़ाना बताया गया है।
विद्युत उपभोक्ता अब यह तय कर सकेंगे कि उनके घर या व्यवसाय के लिए कौन सा मीटर बेहतर रहेगा। स्मार्ट मीटर, जो वर्तमान समय में अधिक लोकप्रिय हो रहा है, उपभोक्ताओं को रियल टाइम बिजली खपत देखने और बिलिंग प्रक्रिया को डिजिटल रूप में आसान बनाने की सुविधा देता है। वहीं, इलेक्ट्रॉनिक मीटर (नॉन-स्मार्ट पोस्टपेड मीटर) पारंपरिक मीटरिंग प्रणाली का विकल्प रहेगा, जो मुख्य रूप से स्थिर और सामान्य उपयोगकर्ताओं के लिए उपयुक्त है।
यूपी विद्युत नियामक आयोग ने इलेक्ट्रॉनिक मीटर के लिए भी मूल्य तय किए हैं, जिससे उपभोक्ताओं को स्पष्टता और पूर्वानुमान की सुविधा मिलेगी। आयोग द्वारा तय किए गए दाम के अनुसार सिंगल फेज इलेक्ट्रॉनिक मीटर का मूल्य 767 रुपए तय किया गया है, जबकि तीन फेज इलेक्ट्रॉनिक मीटर का मूल्य 1853 रुपए रखा गया है। इससे उपभोक्ता अपनी जरूरत और बिजली खपत के अनुसार सही विकल्प चुन सकेंगे।
विद्युत विशेषज्ञों का कहना है कि इस नई सुविधा से उपभोक्ताओं के लिए बिजली कनेक्शन लेना और भी सरल और पारदर्शी हो जाएगा। अब उन्हें मीटर के प्रकार और कीमत के बारे में पहले से जानकारी होगी और वे अपनी सुविधा और बजट के अनुसार सही निर्णय ले सकेंगे।
इसके अलावा, यह कदम विद्युत वितरण कंपनियों के लिए भी लाभकारी साबित होगा। इलेक्ट्रॉनिक मीटर के विकल्प से उन क्षेत्रों में भी सही मीटरिंग सुनिश्चित होगी जहां स्मार्ट मीटर का वितरण अभी पूरी तरह से नहीं हुआ है। इससे बिजली चोरी रोकने, बिलिंग प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और उपभोक्ताओं की संतुष्टि बढ़ाने में मदद मिलेगी।
यूपी सरकार और विद्युत नियामक आयोग का यह निर्णय उपभोक्ताओं के अधिकारों और उनकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। अब उपभोक्ता न केवल स्मार्ट मीटर बल्कि पारंपरिक इलेक्ट्रॉनिक मीटर का चयन करके अपनी बिजली खपत को नियंत्रित कर सकेंगे।
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इस नई नीति के लागू होने के बाद, राज्य में नए कनेक्शन लेने वाले हर उपभोक्ता को मीटर चुनने का अधिकार मिलेगा। उपभोक्ताओं के लिए यह एक बड़ी सुविधा और राहत की खबर है, क्योंकि इससे उनकी पसंद और आर्थिक स्थिति के अनुसार निर्णय लेना आसान होगा।