UP Education News: सरकार का शिक्षा पर बड़ा प्लान, अब 6 जोन से होगी UP के विश्वविद्यालयों की मॉनिटरिंग

उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सरकार नई कार्ययोजना लागू करने जा रही है। इसके तहत पूरे प्रदेश को छह जोन में बांटकर विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों की पढ़ाई, प्रवेश, परीक्षा और परिणाम की नियमित निगरानी की जाएगी।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 20 August 2026, 12:16 PM IST

Lucknow: उच्च शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालयों और कॉलेजों की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए नई व्यवस्था तैयार की है। इसके तहत पूरे उत्तर प्रदेश को छह जोन में विभाजित किया जाएगा। प्रत्येक जोन की जिम्मेदारी शासन के विशेष सचिव या संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी को सौंपी जाएगी, जो संबंधित संस्थानों की नियमित निगरानी करेंगे।

हर महीने ली जाएगी प्रगति रिपोर्ट

नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक जोन से हर महीने विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। इन रिपोर्टों के आधार पर प्रवेश प्रक्रिया, नियमित कक्षाएं, परीक्षा, परिणाम और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों की समीक्षा की जाएगी। जहां भी कमी मिलेगी, वहां समय रहते सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।

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समीक्षा बैठक के बाद लिया गया फैसला

हाल ही में उच्च स्तर पर हुई समीक्षा बैठक में कई विश्वविद्यालयों और कॉलेजों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई गई थी। इसके बाद उच्च शिक्षा विभाग ने निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने का निर्णय लिया। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि नई प्रणाली से शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार होगा और सभी संस्थानों की जवाबदेही तय की जाएगी।

शैक्षणिक कैलेंडर का होगा पालन

विभाग यह भी सुनिश्चित करेगा कि सभी विश्वविद्यालय और महाविद्यालय निर्धारित शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार कार्य करें। यह देखा जाएगा कि प्रवेश, पढ़ाई, परीक्षा और परिणाम समय पर हो रहे हैं या नहीं। यदि किसी संस्थान में देरी या लापरवाही मिलती है तो संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा जाएगा और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

विश्वविद्यालय और कॉलेजों में भी बनेंगे नोडल अधिकारी

शासन स्तर के अलावा विश्वविद्यालय और महाविद्यालय स्तर पर भी नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। विश्वविद्यालय अपने संबद्ध कॉलेजों से नियमित रिपोर्ट प्राप्त करेंगे और उसे उच्च शिक्षा विभाग को भेजेंगे। वहीं, राजकीय महाविद्यालयों में भी अलग-अलग नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे, जो व्यवस्था की निगरानी करेंगे।

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शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की पहल

उच्च शिक्षा विभाग का मानना है कि नई निगरानी प्रणाली से शिक्षा व्यवस्था अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी। इससे छात्रों को समय पर पढ़ाई, परीक्षा और परिणाम का लाभ मिलेगा। साथ ही विश्वविद्यालयों और कॉलेजों की कार्यप्रणाली में भी सुधार आने की उम्मीद है।

Location :  Lucknow

Published :  20 August 2026, 12:16 PM IST