UP Doctors Recruitment: डॉक्टर भर्ती में बड़ा बदलाव, अब हर महीने होंगे वॉक-इन इंटरव्यू, जानें नई प्रक्रिया

उत्तर प्रदेश में डॉक्टरों की भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। अब खाली पदों को भरने के लिए हर महीने वॉक-इन इंटरव्यू होंगे। पहले चरण में 3,000 डॉक्टरों की संविदा पर नियुक्ति की जाएगी।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 11 June 2026, 11:52 AM IST

Uttar Pradesh: सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है। अब खाली पदों को भरने के लिए हर महीने वॉक-इन इंटरव्यू आयोजित किए जाएंगे। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया को तेज करना और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।

खाली पदों की जानकारी होगी ऑनलाइन

स्वास्थ्य विभाग की नई योजना के तहत एक विशेष पोर्टल तैयार किया जा रहा है। इस पोर्टल पर प्रदेश के सभी जिलों में डॉक्टरों के रिक्त पदों का ब्यौरा अपलोड किया जाएगा। हर साल 1 मई और 1 नवंबर को जनपदवार खाली पदों की सूची सार्वजनिक की जाएगी, ताकि इच्छुक अभ्यर्थियों को समय पर जानकारी मिल सके।

हर महीने 15 तारीख को इंटरव्यू

नई व्यवस्था के अनुसार संबंधित जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति प्रत्येक माह की 15 तारीख को वॉक-इन इंटरव्यू आयोजित करेगी। खास बात यह है कि यदि किसी पद के लिए केवल एक ही आवेदन प्राप्त होता है, तब भी इंटरव्यू प्रक्रिया पूरी की जाएगी और चयन की कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।

पहले चरण में 3,000 डॉक्टरों की तैनाती

स्वास्थ्य विभाग ने पहले चरण में संविदा के आधार पर 3,000 डॉक्टरों की नियुक्ति का लक्ष्य तय किया है। माना जा रहा है कि इससे जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने में मदद मिलेगी।

डॉक्टरों को मिलेगा आकर्षक मानदेय

नई भर्ती नीति के तहत एमबीबीएस डॉक्टरों को एक लाख रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। वहीं विशेषज्ञ चिकित्सकों के लिए 2.5 लाख रुपये प्रतिमाह तक मानदेय निर्धारित किया गया है। सरकार ने दूरस्थ और चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में सेवाएं देने वाले डॉक्टरों के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन का भी प्रावधान किया है।

आकांक्षी जिलों को मिलेगा फायदा

बुंदेलखंड क्षेत्र, आकांक्षी जिलों और आकांक्षी ब्लॉकों में सेवाएं देने वाले चिकित्सकों का मानदेय हर वर्ष 5 प्रतिशत बढ़ाया जाएगा। यह बढ़ोतरी अधिकतम 3 लाख रुपये प्रतिमाह तक पहुंच सकती है। सरकार को उम्मीद है कि इस कदम से कठिन क्षेत्रों में डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा।

स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी मजबूती

स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष के निर्देशन में तैयार की गई इस व्यवस्था को प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नियमित भर्ती प्रक्रिया और बेहतर मानदेय के जरिए सरकार डॉक्टरों की कमी दूर करने के साथ-साथ मरीजों को समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

Location :  Uttar Pradesh

Published :  11 June 2026, 11:52 AM IST