फतेहपुर के गाजीपुर थाना क्षेत्र के अयाह गांव में बुजुर्ग की मौत के मामले में रविवार को परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी तक शव का अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया। इस दौरान करीब छह घंटे तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही और हंगामा हुआ।

दलित बुजुर्ग की मौत पर हंगामा
Fatehpur: यूपी के फतेहपुर के गाजीपुर थाना क्षेत्र में रविवार को दलित बुजुर्ग की मौत के बाद बवाल हो गया। मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने आरोपियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने और गिरफ्तारी होने तक शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। वहीं भीम आर्मी ने आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी।
परिजनों ने दोपहर करीब तीन बजे चारों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार किया।
मामला फतेहपुर जिले के गाजीपुर थाना क्षेत्र का है। मृतक की पहचान गंगा सागर रैदास (60 वर्षीय) के रूप में हुई है।
नाबालिग किशोरी के गायब होने के बाद बढ़ा विवाद
गाजीपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में 16 वर्षीय नाबालिग किशोरी के रहस्यमय ढंग से गायब होने के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। किशोरी के लापता होने को लेकर ग्राम प्रधान के परिवार ने पड़ोस में रहने वाले एक दलित परिवार पर शक जताया, जिसके बाद मामला हिंसा तक पहुंच गया।
मौके पर जुटी ग्रामीणों की भीड़
बंधक बनाकर पिटाई
आरोप है कि ग्राम प्रधान के भतीजे घनश्याम मिश्रा, टिर्रा, लालजी मिश्रा और लालजी की पत्नी ने गुरुवार शाम दलित परिवार के दो युवकों आकाश और अभिषेक को अपने घर बुलाकर बंधक बना लिया और बेरहमी से पिटाई की।
जब उनकी मदद के लिए 60 वर्षीय गंगा सागर रैदास, अभिषेक की मां विद्या देवी और बेटियां संध्या व वंदना मौके पर पहुंचीं तो आरोपियों ने लाठी-डंडों और ईंटों से उन पर भी हमला कर दिया। इस हमले में चार लोग घायल हो गए, जिन्हें सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया।
मामले की जानकारी देते पुलिस अधिकारी
इलाज के बाद बिगड़ी हालत, शनिवार को मौत
घायल बुजुर्ग गंगा सागर रैदास की हालत धीरे-धीरे बिगड़ती चली गई और शनिवार को उनकी मौत हो गई। इससे गांव में आक्रोश फैल गया। परिजनों का कहना है कि पुलिस ने शुरू में केवल मारपीट और एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया, लेकिन मौत के बाद भी हत्या की धारा नहीं जोड़ी गई।
रविवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने आरोपियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने और गिरफ्तारी होने तक शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। सूचना पर डीएसपी जाफरगंज ब्रज मोहन राय पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे और परिजनों से बातचीत की। इसी दौरान भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष राजेश पाटिल समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे, जिससे माहौल और गर्म हो गया। परिजनों ने पुलिस पर आरोपियों से मिलीभगत का आरोप लगाया।
डीएसपी के आश्वासन के बाद परिजनों ने दूसरी तहरीर दी, जिस पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की बात कही गई। इस बीच भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष राजेश पाटिल कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे और आरोपियों की गिरफ्तारी व पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि न्याय न मिलने पर आंदोलन तेज किया जाएगा।
पुलिस का पक्ष
डीएसपी ब्रज मोहन राय ने बताया कि 16 जनवरी को मारपीट का मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसमें बाद में एक व्यक्ति की मौत हो गई। पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी कर ली गई है और अब हत्या की धाराओं में केस दर्ज कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
दोपहर करीब तीन बजे चारों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद परिजन शांत हुए और गांव में ही पुलिस की मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार किया गया। सीओ बृजमोहन राय ने बताया कि चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मारपीट और एससी-एसटी एक्ट की धाराओं में दर्ज प्राथमिकी में आवश्यक धाराएं बढ़ाई जा रही हैं।