यूपी कप सिरप कांड: शुभम जायसवाल के साथ दुबई में कौन-कौन? गोरखपुर के कारोबारी से जुड़ी कड़ियां

यूपी कफ सिरप कांड में दुबई कनेक्शन की जांच तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, शुभम जायसवाल की मदद करने वाले गोरखपुर के एक दवा कारोबारी की भूमिका और कथित सिंडिकेट से उसके संबंधों की पड़ताल की जा रही है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 15 October 2026, 10:16 AM IST

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के चर्चित कोडीनयुक्त कफ सिरप कांड में दुबई कनेक्शन की पड़ताल के दौरान गोरखपुर के एक दवा कारोबारी का नाम सामने आने की बात कही जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, कथित सिंडिकेट के मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल को दुबई में यह कारोबारी मदद पहुंचा रहा है। बताया जा रहा है कि शुभम अपने मौसेरे भाई गौरव जायसवाल के साथ दुबई में है और दोनों काफी समय तक कारोबारी से जुड़े एक होटल में ठहरे थे।

अब जांच एजेंसियां कारोबारी की भूमिका, शुभम के साथ उसके संपर्कों और कथित कफ सिरप सिंडिकेट से उसके संभावित संबंधों की पड़ताल कर रही हैं। हालांकि, कारोबारी की संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।

होटल में ठहरने से लेकर आर्थिक मदद तक की जांच

सूत्रों के अनुसार, अवैध कफ सिरप कारोबार से जुड़े नेटवर्क की जांच के दौरान कारोबारी का नाम सामने आया। बताया जा रहा है कि वह शुरुआत से ही शुभम के संपर्क में था और उसे मदद देता रहा।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि दुबई में होटल में ठहरने की व्यवस्था के अलावा कारोबारी ने शुभम और गौरव को आर्थिक या अन्य तरह की सहायता दी थी या नहीं। इसके लिए उसके संपर्कों और कथित लेनदेन से जुड़े पहलुओं की जांच की जा सकती है।

जरूरत पड़ने पर कारोबारी से पूछताछ भी हो सकती है। जांच एजेंसियां यह स्पष्ट करने की कोशिश कर रही हैं कि उसकी भूमिका केवल होटल में ठहरने की व्यवस्था तक सीमित थी या कथित नेटवर्क में भी उसका कोई संबंध था।

नशीली दवाओं के पुराने मामले से भी जुड़ रहा नाम

सूत्रों का दावा है कि इस कारोबारी का नाम पहले भी नशीली दवाओं से संबंधित एक मामले में सामने आ चुका है। इसी आधार पर जांच एजेंसियां उसके पुराने रिकॉर्ड और शुभम जायसवाल के साथ संभावित संबंधों की पड़ताल कर रही हैं।

जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि क्या कारोबारी की कथित कफ सिरप सिंडिकेट में कोई भूमिका थी। यदि जांच में पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल इस संबंध में जांच जारी है।

आरोपियों को पनाह देने वालों की भी पहचान

कफ सिरप के कथित अवैध कारोबार की जांच में एजेंसियां उन लोगों की भी पहचान कर रही हैं, जिन्होंने आरोपियों को ठहरने की जगह, आर्थिक सहायता या किसी अन्य तरीके से मदद पहुंचाई हो सकती है।

दुबई में शुभम जायसवाल की मदद करने के संदेह में गोरखपुर के कारोबारी का नाम सामने आने से जांच का दायरा बढ़ सकता है। हालांकि, कारोबारी के खिलाफ किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच एजेंसियों को उसके संबंधों और भूमिका के बारे में साक्ष्य जुटाने होंगे। आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।

Location :  Gorakhpur

Published :  15 October 2026, 10:16 AM IST