उमेश पाल हत्याकांड: अतीक के शूटर साबिर और गुड्डू मुस्लिम कहां हैं? पुलिस ने बदली तलाश की रणनीति

उमेश पाल हत्याकांड में फरार साबिर और गुड्डू मुस्लिम की तलाश तेज हो गई है। पुलिस अब जेल में बंद अतीक गैंग के गुर्गों और करीबियों से पूछताछ कर दोनों के ठिकानों का सुराग जुटाने की तैयारी में है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 12 October 2026, 9:07 AM IST

प्रयागराज: उमेश पाल हत्याकांड में फरार चल रहे माफिया अतीक अहमद के शूटर साबिर और कुख्यात बमबाज गुड्डू मुस्लिम की तलाश एक बार फिर तेज कर दी गई है। साढ़े तीन साल से पुलिस की पकड़ से दूर दोनों आरोपियों तक पहुंचने के लिए अब नई रणनीति तैयार की गई है। पुलिस जेलों में बंद अतीक गैंग के गुर्गों, करीबियों और विरोधी अपराधियों से पूछताछ कर उनके ठिकानों और गतिविधियों का सुराग जुटाने की कोशिश करेगी।

पांच लाख के इनामी साबिर और गुड्डू मुस्लिम पर शिकंजे की तैयारी

उमेश पाल हत्याकांड के बाद से ही साबिर और गुड्डू मुस्लिम फरार हैं। दोनों पर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम घोषित बताया गया है। पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की टीमें संभावित ठिकानों पर तलाश और छापेमारी करती रही हैं, लेकिन अब तक दोनों का ठोस सुराग नहीं मिल सका है।

ऐसे में जांच एजेंसियां अब माफिया अतीक अहमद के नेटवर्क और उसके पुराने सहयोगियों से जानकारी जुटाने पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। पुलिस को उम्मीद है कि जेल में बंद अपराधियों से पूछताछ के दौरान दोनों फरार आरोपियों की गतिविधियों या उनके संभावित ठिकानों से जुड़ी अहम जानकारी मिल सकती है।

पूरामुफ्ती का साबिर, शिवकुटी का गुड्डू मुस्लिम

साबिर प्रयागराज के पूरामुफ्ती क्षेत्र का रहने वाला है, जबकि गुड्डू मुस्लिम शिवकुटी इलाके से जुड़ा है। उमेश पाल हत्याकांड में दोनों की तलाश लंबे समय से जारी है। पुलिस की चुनौती यह है कि लगातार प्रयासों के बावजूद उनकी लोकेशन और मौजूदा नेटवर्क का पता नहीं चल पाया है।

इसी मुकदमे में वांछित रहा पांच लाख रुपये का इनामी मोहम्मद अरमान बिहार के गया जिले की जेल में बंद मिला था। इस घटनाक्रम के बाद पुलिस अब अन्य फरार आरोपियों तक पहुंचने के लिए जेलों में बंद अपराधियों से जानकारी जुटाने की रणनीति पर काम कर रही है।

चित्रकूट से आगरा तक जेलों में बंद गुर्गे रडार पर

जानकारी के मुताबिक, चित्रकूट, झांसी, आगरा और लखनऊ समेत कई जिलों की जेलों में अतीक गैंग के करीबी, सहयोगी और अन्य अपराधी बंद हैं। इसके अलावा गिरोह के विरोधियों से भी पूछताछ कर जानकारी जुटाने की तैयारी है।

जांच एजेंसियां इन लोगों से साबिर और गुड्डू मुस्लिम के पुराने संपर्कों, संभावित ठिकानों और गतिविधियों के बारे में जानकारी हासिल करने की कोशिश करेंगी। मिलने वाले सुरागों के आधार पर आगे की कार्रवाई और घेराबंदी की रणनीति बनाई जा सकती है।

साढ़े तीन साल से फरार, पुलिस के सामने बड़ी चुनौती

उमेश पाल हत्याकांड के बाद से साबिर और गुड्डू मुस्लिम की गिरफ्तारी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। अब तक संभावित ठिकानों पर तलाश के बावजूद सफलता नहीं मिलने के बाद जांच का दायरा उनके सहयोगियों और पुराने संपर्कों तक बढ़ाया जा रहा है।

अब देखना होगा कि जेलों में बंद अपराधियों से पूछताछ के जरिए पुलिस को दोनों के बारे में कोई ठोस सुराग मिलता है या उनकी तलाश एक बार फिर लंबी खिंचती है।

Location :  Prayagraj

Published :  12 October 2026, 9:07 AM IST