
भारतीय ट्रेन
New Delhi: मानसून के मौसम में अक्सर बिजली गिरने की वजह से ट्रेनों का संचालन प्रभावित हो जाता था। कई बार ओएचई यानी ओवरहेड इक्विपमेंट लाइन ट्रिप होने से ट्रेनें बीच रास्ते में रुक जाती थीं। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता था और रेलवे को भी नुकसान उठाना पड़ता था। अब रेलवे ने इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने की तैयारी कर ली है। उत्तर मध्य रेलवे समेत देश के सभी जोनल रेलवे में नई डिस्कनेक्टर असेंबली प्रणाली लागू की जाएगी। इससे बिजली गिरने के बाद भी ट्रेनों की रफ्तार नहीं रुकेगी।
बारिश और तूफान के दौरान जब बिजली रेलवे की ओएचई लाइन या उससे जुड़े उपकरणों पर गिरती थी, तो लाइटनिंग अरेस्टर खराब हो जाता था। इसके कारण पूरी बिजली लाइन ट्रिप कर जाती थी। ऐसी स्थिति में कई किलोमीटर तक बिजली सप्लाई बंद हो जाती थी और ट्रेनें जहां की तहां खड़ी हो जाती थीं। कई बार सब-स्टेशन को भी नुकसान पहुंचता था। इससे ट्रेनों के संचालन में देरी होती थी।
रेलवे अब डिस्कनेक्टर असेंबली सिस्टम लागू करने जा रहा है। यह एक आधुनिक सुरक्षा प्रणाली है, जो बिजली गिरने के तुरंत बाद खराब हुए हिस्से को मुख्य लाइन से अलग कर देगी।इससे पूरी लाइन बंद नहीं होगी और बाकी सिस्टम सामान्य रूप से काम करता रहेगा। यानी ट्रेनों का संचालन बिना रुके जारी रहेगा। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इससे मानसून के दौरान होने वाली बड़ी परेशानियों से राहत मिलेगी।
रेलवे पहली बार अत्याधुनिक थर्मोविजन कैमरा तकनीक का भी इस्तेमाल करेगा। यह एक खास थर्मल इमेजिंग कैमरा होता है, जो बिजली उपकरणों की गर्मी और तकनीकी खराबी को पहले ही पहचान लेता है। इस तकनीक की मदद से रेलवे के बिजली सब-स्टेशनों की नियमित जांच की जाएगी। अगर कोई उपकरण खराब होने की स्थिति में होगा, तो उसे पहले ही बदल दिया जाएगा। इससे बड़े हादसों और बिजली आपूर्ति बाधित होने की संभावना कम हो जाएगी।
डिस्कनेक्टर असेंबली 25 केवी ट्रैक्शन विद्युत प्रणाली का अहम हिस्सा है। इसका काम बिजली लाइन या उपकरण को सुरक्षित तरीके से मुख्य विद्युत स्रोत से अलग करना होता है।यह सिस्टम सीधे बिजली बंद नहीं करता, बल्कि सर्किट ब्रेकर के साथ मिलकर काम करता है। रखरखाव, निरीक्षण और आपातकालीन परिस्थितियों में इसकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।
इस नई तकनीक से सिर्फ ट्रेनों का संचालन ही बेहतर नहीं होगा, बल्कि रेलवे कर्मचारियों की सुरक्षा भी बढ़ेगी। डिस्कनेक्टर सिस्टम खराब हिस्से को अलग करके बाकी नेटवर्क को सुरक्षित बनाए रखेगा। रेलवे का कहना है कि आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से ट्रैक्शन प्रणाली ज्यादा भरोसेमंद और सुरक्षित बनेगी। आने वाले समय में यात्रियों को मानसून के दौरान ट्रेनों के रुकने की समस्या कम देखने को मिलेगी।
Location : New Delhi
Published : 11 June 2026, 5:49 PM IST
Topics : Disconnector Assembly System Indian Railways Modernization indian railway North Central Railway Railway Safety