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बरेली जेल में महिला बंदियों समेत 35 ने पास की साक्षरता परीक्षा (image: dynamite news)
Bareilly News: बरेली जिला कारागार में अब शिक्षा सुधार और आत्मनिर्भरता का जरिया बन रही है। जेल की सलाखों के पीछे रहने वाले निरक्षर बंदियों को पढ़ाई से जोड़ने के लिए शुरू किए गए अभियान के तहत नवभारत साक्षरता परीक्षा आयोजित की गई। इस परीक्षा में कुल 35 बंदियों ने हिस्सा लिया, जिनमें पांच महिला बंदी भी शामिल रही। जेल प्रशासन का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य बंदियों को शिक्षा से जोड़कर उन्हें समाज की मुख्यधारा में वापस लाने का अवसर देना है।
जिला कारागार बरेली में निरक्षर बंदियों को साक्षर बनाने के लिए 8 अगस्त से विशेष साक्षरता अभियान की शुरुआत की गई थी। इस अभियान का उद्घाटन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बरेली की सचिव जया प्रियदर्शिनी ने किया था। अभियान को शुरू कराने में सेवानिवृत्त जेल अधीक्षक मो. अकरम खान का भी सहयोग रहा। कार्यक्रम के तहत बंदियों को पढ़ने-लिखने की बुनियादी जानकारी देने के साथ शिक्षा के महत्व के बारे में जागरूक किया गया।
भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत 20 सितंबर को जिला कारागार में परीक्षा आयोजित की गई। इसमें अभियान के तहत शिक्षा प्राप्त कर रहे 35 नवसाक्षर बंदियों ने भाग लिया। परीक्षा में पांच महिला बंदियों की भागीदारी भी खास रही। जेल प्रशासन के मुताबिक, परीक्षा में सफल होने वाले अभ्यर्थियों को शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS) की ओर से प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन और बेसिक शिक्षा विभाग के सहयोग से यह साक्षरता अभियान चलाया जा रहा है। बंदियों को शिक्षा देने के लिए शिक्षक संजीव गंगवार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।उन्होंने नियमित कक्षाओं के माध्यम से बंदियों को अक्षर ज्ञान, पढ़ने-लिखने और सामान्य शिक्षा से जुड़ी जानकारी दी। इस अभियान का उद्देश्य बंदियों में आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें बेहतर भविष्य के लिए तैयार करना है।
जेल अधीक्षक आलोक शुक्ला ने कहा कि बंदियों के सुधार और पुनर्वास के लिए जेल में शिक्षा के साथ कौशल विकास से जुड़े कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा और कौशल हासिल करने से बंदियों को भविष्य में रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकते हैं। इससे उन्हें समाज की मुख्यधारा से जुड़ने में मदद मिलेगी और जीवन में सकारात्मक बदलाव आ सकता है।
परीक्षा के सफल संचालन में जेलर आनंद सिंह, सुशील वर्मा, डिप्टी जेलर राघवेंद्र सिंह वर्मा, वीरेश्वर प्रताप सिंह, सौमित्रदेव त्रिपाठी और देवदत्त का सहयोग रहा। इस दौरान फार्मासिस्ट यादवेन्द्र मोहन, कनिष्ठ सहायक राहुल मिश्रा, चीफ हेड वार्डर रामगोपाल सिंह सहित अन्य कारागार कर्मचारी भी मौजूद रहे।
Location : Bareilly
Published : 21 September 2026, 7:45 PM IST