बाराबंकी के एक गांव में 22 वर्षीय नवविवाहिता का शव संदिग्ध हालत में कमरे में फांसी से लटका मिला। ससुराल वालों ने इसे आत्महत्या बताया, लेकिन मायके पक्ष का दावा है कि यह एक सुनियोजित दहेज हत्या है। पुलिस ने पति समेत चार लोगों पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

पुलिस अधीक्षक बाराबंकी
Barabanki: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। घटना घुंघटेर थाना क्षेत्र के शरीफाबाद मजरे डिंगरी गांव की है, जहां सुबह 22 वर्षीय चांदनी का शव उसके कमरे में साड़ी के फंदे से लटका मिला। मामला शुरू में आत्महत्या का प्रतीत हो रहा था, लेकिन मायके वालों के सनसनीखेज आरोपों के बाद पुलिस ने इसे दहेज हत्या मानते हुए मामला दर्ज कर लिया है।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के मुताबिक, मृतका चांदनी की शादी महज 14 महीने पहले रवि कुमार नामक युवक से बड़ी धूमधाम से हुई थी। उसके पिता कुसुमेश, निवासी भरथर महमूदाबाद (सीतापुर), का आरोप है कि शादी के कुछ ही समय बाद से ससुराल वाले चांदनी को दहेज के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने लगे थे। उन्होंने बताया कि बार-बार मोटरसाइकिल और नकदी की मांग की जा रही थी। विरोध करने पर बेटी को मारा-पीटा जाता था और जान से मारने की धमकियां दी जाती थीं।
मंगलवार सुबह जब चांदनी का शव फांसी पर लटका मिला, तो पूरे गांव में सनसनी फैल गई। चांदनी के ससुराल वाले इस घटना को आत्महत्या बताकर पल्ला झाड़ने लगे, लेकिन पिता की तहरीर पर पुलिस हरकत में आई।
घुंघटेर थाना प्रभारी बेचू सिंह यादव ने बताया कि मृतका के पिता की तहरीर के आधार पर पति रवि कुमार, देवर अजय कुमार, सास और ससुर जसवंत के खिलाफ आईपीसी की धारा 304B (दहेज हत्या) और 498A (पति या रिश्तेदार द्वारा उत्पीड़न) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला दहेज हत्या का प्रतीत हो रहा है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिशें दी जा रही हैं। वहीं, गांव में भी माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।
चांदनी की मां का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने कहा, "बेटी बार-बार फोन पर रोती थी और कहती थी कि अब नहीं सहा जाता। हम हर बार उसे समझाते थे कि सब ठीक हो जाएगा, लेकिन किसे पता था कि ससुराल वाले उसकी जिंदगी ही छीन लेंगे।" पुलिस प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामले में और भी कई अहम खुलासे हो सकते हैं। इस घटना ने एक बार फिर प्रदेश में दहेज उत्पीड़न और हत्या के मामलों की भयावह सच्चाई को सामने ला दिया है, जहां हर महीने कई चांदनियों की जिंदगी दहेज की आग में बुझ जाती है।