बाराबंकी में जिंदा समाधि की जिद पर अड़े महंत, मठ परिसर में भारी पुलिस बल तैनात

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में श्रीराम जानकी मठ जिंदा समाधि की घोषणा के बाद हाई अलर्ट पर है। जमीन विवाद से नाराज़ महंत मुकुंदपुरी अपने फैसले पर अड़े हैं। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है और प्रशासन लगातार समझाने में जुटा है।

Post Published By: सौम्या सिंह
Updated : 21 April 2026, 1:48 PM IST

Barabanki: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में मंगलवार का दिन तनाव और अनिश्चितता से भरा रहा। असंद्रा थाना क्षेत्र के भवनियापुर स्थित श्रीराम जानकी मठ अचानक संवेदनशील केंद्र बन गया, जब महंत मुकुंदपुरी ने जिंदा समाधि लेने का ऐलान कर दिया। मठ परिसर में भारी पुलिस बल तैनात है। प्रशासनिक अधिकारी सुबह से ही डटे हुए हैं और हर पल हालात पर नजर रखी जा रही है।

जमीन विवाद से शुरू हुआ पूरा मामला

पूरा विवाद मठ की जमीन को लेकर है, जिसने अब गंभीर रूप ले लिया है। महंत मुकुंदपुरी का आरोप है कि एक व्यक्ति ने फर्जी और अपंजीकृत वसीयत के जरिए मठ की करोड़ों की संपत्ति अपने नाम दर्ज करा ली थी। इस मामले में तहसील प्रशासन ने 24 अगस्त 2023 को हस्तक्षेप करते हुए उस वसीयत को निरस्त कर दिया था और मूल खातेदार के नाम संपत्ति दर्ज करने का आदेश भी जारी किया गया था।

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आश्वासन टूटे, महंत ने दे दिया अल्टीमेटम

लगातार टलते समाधान और अधूरे वादों से नाराज महंत मुकुंदपुरी ने आखिरकार सख्त रुख अपना लिया। उन्होंने साफ तौर पर अल्टीमेटम दे दिया था कि अगर 20 अप्रैल तक मामले का निपटारा नहीं हुआ, तो 21 अप्रैल को वह जिंदा समाधि ले लेंगे।  महंत अपने फैसले पर अड़े हुए हैं। उनके रुख में किसी तरह की नरमी नजर नहीं आ रही। जैसे-जैसे यह खबर इलाके में फैली सैकड़ों ग्रामीण मठ परिसर में जुटने लगे, जिससे हालात और ज्यादा संवेदनशील हो गए।

मौके पर भारी पुलिस बल

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मठ परिसर और आसपास के इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासनिक टीम पूरी तरह अलर्ट मोड में है। एसडीएम, सीओ और थाना पुलिस मौके पर मौजूद हैं और महंत से लगातार संवाद स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक महंत को मनाने के लिए कई स्तरों पर बातचीत जारी है, लेकिन अब तक कोई ठोस सहमति नहीं बन पाई है। प्रशासन की सबसे बड़ी कोशिश यही है कि किसी भी तरह इस मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाया जाए और कोई अप्रिय घटना न हो।

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पहले भी दे चुके हैं ऐसी चेतावनी

पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह पहली बार नहीं है जब महंत मुकुंदपुरी ने जिंदा समाधि लेने की चेतावनी दी हो। साल 2023 में भी उन्होंने इसी तरह का ऐलान किया था, जिसे प्रशासनिक हस्तक्षेप के जरिए टाल दिया गया था। हालांकि इस बार स्थिति पहले से कहीं ज्यादा गंभीर नजर आ रही है। महंत की जिद और लोगों की बढ़ती भीड़ प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है। हर बीतते घंटे के साथ तनाव बढ़ता जा रहा है और प्रशासन के सामने समय कम पड़ता दिख रहा है।

Location :  Barabanki

Published :  21 April 2026, 1:48 PM IST