नोएडा में सिस्टम की चूक: 80 मिनट तक मदद मांगता रहा सॉफ्टवेयर इंजीनियर, पिता के सामने बेटे ने तोड़ा दम

नोएडा सेक्टर-150 में कोहरे के बीच कार गहरे पानी में गिरने से सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत हो गई। 80 मिनट तक मदद मांगने के बावजूद रेस्क्यू में देरी के आरोप लगे हैं।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 18 January 2026, 3:06 PM IST

Noida: नोएडा से आई यह कहानी सिर्फ एक हादसे की नहीं, बल्कि सिस्टम की लापरवाही की भी है। सेक्टर-150 में एक युवक करीब 80 मिनट तक पानी में तैरती कार की छत पर खड़ा होकर मदद की गुहार लगाता रहा, लेकिन पुलिस, दमकल और राहत एजेंसियां मौके पर मौजूद होने के बावजूद उसे बचा नहीं सकीं। पिता सामने खड़े होकर बेटे को बचाने की मिन्नतें करते रहे, लेकिन कोहरे, ठंडे पानी और संसाधनों की कमी का हवाला देकर कोई पानी में नहीं उतरा। आखिरकार युवक कार समेत पानी में समा गया।

कोहरे में घर से 500 मीटर पहले हुआ हादसा

शुक्रवार देर रात गुरुग्राम से घर लौट रहे सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की ग्रैंड विटारा कार सेक्टर-150 एटीएस ली ग्रैंडियोस के पास टी-प्वाइंट पर कोहरे में अनियंत्रित हो गई। कार नाले की दीवार तोड़ते हुए बेसमेंट के लिए बनाए गए करीब 30 फुट गहरे पानी से भरे गड्ढे में जा गिरी। कार पलटने के बाद कुछ देर तक पानी पर तैरती रही और युवराज किसी तरह बाहर निकलकर कार की छत पर खड़े हो गए।

80 मिनट तक टार्च जलाकर मांगी मदद

युवराज ने तुरंत अपने पिता राजकुमार मेहता को फोन कर हादसे की जानकारी दी। पिता मौके पर पहुंचे और लगातार डायल 112, पुलिस, दमकल और राहत टीमों से बेटे को बचाने की गुहार लगाते रहे। इस दौरान युवराज कार की छत पर खड़े होकर टार्च जलाता रहा और बचाओ-बचाओ की आवाज लगाता रहा, लेकिन कोई भी पानी में उतरने को तैयार नहीं हुआ।

डर और संसाधनों की कमी बनी मौत की वजह

मौके पर पहुंचे पुलिस और दमकल कर्मियों ने कोहरे, ठंडे पानी और गड्ढे में बने निर्माणाधीन कॉलम से टकराने के डर का हवाला देकर पानी में उतरने से इनकार कर दिया। क्रेन से युवक को निकालने की कोशिश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली। रात करीब 1:45 बजे युवराज कार समेत गहरे पानी में डूब गया।

चार घंटे बाद निकला शव, अस्पताल में मृत घोषित

बाद में गाजियाबाद से आई एनडीआरएफ टीम ने स्टीमर की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। टार्च की रोशनी में युवराज को बाहर निकालकर कैलाश अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। युवक की उम्र 27 साल थी और वह गुरुग्राम की एक निजी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे।

प्राधिकरण पर लापरवाही का आरोप

पिता राजकुमार मेहता ने नोएडा प्राधिकरण पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इलाके में न तो बैरिकेडिंग थी, न रिफ्लेक्टर और न ही चेतावनी बोर्ड। पहले भी यहां हादसे हो चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी है।

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  • Noida

Published : 
  • 18 January 2026, 3:06 PM IST