फतेहपुर में सिस्टम फेल और ग्रामीण बेहाल: कागजों में हैंडपंप, हकीकत में सूखा गांव

फतेहपुर के ऐरायां ब्लॉक के एक गांव में छह महीने से पानी की सप्लाई ठप है। नल और हैंडपंप कागजों में हैं, जमीन पर नहीं। ग्रामीण खेतों के सबमर्सिबल से पानी पीने को मजबूर हैं और हैंडपंप रिबोर में घोटाले के आरोप लगाए जा रहे हैं।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 22 January 2026, 5:36 PM IST

Fatehpur: फतेहपुर में पानी नहीं मिलना अब महज लापरवाही नहीं, बल्कि एक सुनियोजित सिस्टम फेलियर की कहानी बनता जा रहा है। सरकारी रिकॉर्ड में जहां गांव पानी से लबालब दिखाया जा रहा है, वहीं हकीकत में लोग बूंद-बूंद पानी के लिए भटकने को मजबूर हैं। नल लगे हैं, लेकिन सूखे। हैंडपंप दर्ज हैं, लेकिन जमीन पर गायब। सवाल उठता है कि आखिर गांव का पानी कहां गया और जिम्मेदार कौन है?

अब पढ़ें पूरा मामला

फतेहपुर जिले के ऐरायां विकास खंड अंतर्गत भवनी का पुरवा मजरा रसूलपुर भंडरा ग्राम पंचायत बीते छह महीनों से गंभीर पेयजल संकट से जूझ रहा है। करीब 70 घरों की आबादी वाले इस गांव में एक भी सरकारी हैंडपंप चालू हालत में नहीं है। गांव में पानी की टंकी तो बनी है, पाइपलाइन भी बिछी है, लेकिन नलों से पानी आना मानो बीते वक्त की बात हो गई है।

सूखे नल, मजबूर लोग

ग्रामीणों का कहना है कि करीब छह साल पहले जल जीवन मिशन के तहत गांव में पानी की टंकी बनाई गई थी। शुरुआती दिनों में कुछ समय तक नलों से पानी भी आया, लेकिन पिछले छह महीनों से पूरे गांव के नल पूरी तरह सूखे पड़े हैं। हालात इतने खराब हैं कि पीने का पानी जुटाने के लिए लोगों को खेतों में लगे कमर्शियल सबमर्सिबल पंपों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।

ग्रामीणों की जुबानी दर्द

गांव के कंधई लाल मौर्य और मायावती बताती हैं कि पूरे गांव में सिर्फ एक-दो घरों में निजी सबमर्सिबल लगे हैं, जिनसे किसी तरह सभी लोग पानी भरते हैं। इससे न तो पूरे गांव की जरूरत पूरी हो पा रही है और न ही पशुओं के लिए पर्याप्त पानी मिल पा रहा है। कई बार महिलाएं और बच्चे मीलों पैदल चलकर पानी लाने को मजबूर हैं।

हैंडपंप रिबोर के नाम पर घोटाले का आरोप

ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि हर साल हैंडपंप रिबोर के नाम पर लाखों रुपये का भुगतान कागजों में दिखाया जाता है, जबकि गांव में हैंडपंप ही नहीं बचे हैं। जो तीन-चार हैंडपंप मौजूद हैं, उनके ऊपरी हिस्से टूटे पड़े हैं और बोर पूरी तरह खराब हैं।

प्रशासन का जवाब

इस मामले में जल निगम के सहायक अभियंता कैलाश चंद्र ने कहा कि शिकायत उनके संज्ञान में है और पूरे मामले की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, ग्रामीणों का सवाल साफ है कि आखिर कब तक उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिलता रहेगा।

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  • Fatehpur

Published : 
  • 22 January 2026, 5:36 PM IST