यूपी: एकीकृत न्यायालय परिसर का शिलान्यास, CJI सूर्यकांत ने किया भूमि पूजन; सीएम, जस्टिस राजेश बिंदल और CJ अरुण भंसाली रहे मौजूद

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने यूपी के छह जिलों में एकीकृत न्यायालय परिसर का शिलान्यास और भूमि पूजन किया। यह पहल न्यायिक प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और जनता के लिए सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

Post Published By: सौम्या सिंह
Updated : 17 January 2026, 3:59 PM IST

Chandauli: भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने शनिवार को उत्तर प्रदेश में छह जिलों- चंदौली, महोबा, अमेठी, शामली, हाथरस और औरैया के एकीकृत न्यायालय परिसर का शिलान्यास और भूमि पूजन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मुख्य न्यायाधीश का भव्य स्वागत किया।

डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रयागराज में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान वर्तमान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा था कि न्यायालय परिसर का ढांचा भी एकीकृत होना चाहिए। इसके बाद यूपी सरकार ने इस दिशा में कार्य प्रारंभ किया और राज्य के भीतर कई जिलों में एकीकृत कोर्ट परिसर की योजना बनाई।

Video | DN Exclusive: | जिस गांव में बीता CJI सूर्यकांत का बचपन, वहां से देखिए क्लासमेट का अनसुना किस्सा

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने शिलान्यास के अवसर पर कहा कि न्यायालय केवल न्याय देने का स्थान नहीं है, बल्कि यह लोगों के विश्वास और लोकतंत्र के मजबूत आधार का प्रतीक भी है। उन्होंने कहा कि एकीकृत न्यायालय परिसर से न्याय देने की प्रक्रिया और अधिक सुगम और पारदर्शी होगी। इसके साथ ही यह आम जनता के लिए सुविधाजनक और न्यायिक सेवाओं तक आसान पहुंच सुनिश्चित करेगा।

मुख्य न्यायाधीश ने आधुनिक न्यायालय परिसर की शुरुआत की (फोटो सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)

यूपी के कई जिलों में न्याय से जुड़ी खास पहल

इस योजना में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। मुख्यमंत्री ने बताया कि न्यायमूर्ति बिंदल ने इस पहल में सकारात्मक सहयोग दिया और यूपी सरकार ने ऐसे दस जिलों में एकीकृत न्यायालय परिसर के निर्माण के लिए स्वीकृति प्रदान की, जहां अब तक स्वयं का जनपद न्यायालय नहीं था।

कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट और उच्च न्यायालय के कई वरिष्ठ न्यायाधीश उपस्थित रहे। इनमें उच्चतम न्यायालय के न्यायमूर्ति राजेश बिंदल, न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति पंकज मिथल, न्यायमूर्ति मनोज मिश्र, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली और वरिष्ठ न्यायाधीश महेश चंद्र त्रिपाठी प्रमुख रूप से शामिल थे। इस अवसर पर न्यायिक प्रक्रिया और कानून के क्षेत्र में सुधार के महत्व पर जोर दिया गया।

न्याय प्रणाली को मजबूत बनाने की दिशा में ठोस कदम (फोटो सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि आधुनिक न्यायालय परिसर का उद्देश्य केवल भवन निर्माण नहीं है, बल्कि न्यायिक कार्य प्रणाली में पारदर्शिता, तेजी और तकनीकी सुधार लाना है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में यह परिसर न्यायाधीशों और वकीलों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करेगा और आम जनता के लिए न्याय प्रक्रिया को सरल बनाएगा।

शिक्षा और संघर्ष की कहानी साझा करते हुए CJI सूर्यकांत ने युवाओं को किया प्रेरित…ये बात सुनकर हर कोई हुआ भावुक

न्यायाधीश की मौजूदगी में हुआ विशेष आयोजन

मुख्यमंत्री ने शिलान्यास के दौरान कहा कि यह पहल उत्तर प्रदेश में न्यायिक ढांचे को मजबूत करने और न्याय देने की प्रक्रिया को सरल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक परिसर में आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ तकनीकी उपकरण भी उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे मामलों का निपटारा और तेजी से हो सके।

इस तरह, यूपी में छह जिलों के एकीकृत न्यायालय परिसर का शिलान्यास न केवल न्याय व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह राज्य में न्यायिक सेवाओं को आम जनता तक और अधिक पहुंचाने की दिशा में भी एक बड़ी पहल है।

Location : 
  • Chandauli

Published : 
  • 17 January 2026, 3:59 PM IST