शिक्षक MLC चुनाव में छोटी-सी चूक भी पड़ सकती है भारी! DM ने दिए सख्त निर्देश, जानें क्या है पूरा मामला

सुलतानपुर में शिक्षक MLC चुनाव-2026 को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह ने मतदान कार्मिकों को साफ निर्देश दिए हैं कि प्रक्रिया में किसी तरह की लापरवाही न हो।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 12 October 2026, 9:22 PM IST

Sultanpur: गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के विधान परिषद चुनाव-2026 को लेकर सुलतानपुर में प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मतदान के दौरान किसी भी तरह की गलती से बचने के लिए मतदान कार्मिकों को जरूरी नियमों की जानकारी दी जा रही है।

सोमवार को विकास भवन स्थित प्रेरणा सभागार में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह ने साफ कहा कि मतदान की हर प्रक्रिया को गंभीरता से समझें और नियमों का पूरी तरह पालन करें। खास तौर पर मतपत्र पर जरूरी चिह्न लगाने, हस्ताक्षर करने और मतपेटी को सही तरीके से सील करने पर जोर दिया गया।

मतपत्र पर यह काम करना बिल्कुल न भूलें

प्रशिक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बताया कि यह चुनाव मतपत्र के जरिए कराया जाएगा। ऐसे में पीठासीन अधिकारियों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। उन्हें प्रत्येक मतपत्र के पीछे निर्धारित विशिष्ट चिह्न लगाने के साथ अपने हस्ताक्षर भी करने होंगे। इस प्रक्रिया में लापरवाही न हो, इसके लिए सभी कार्मिकों को प्रशिक्षण पुस्तिका और प्रेजेंटेशन का ध्यान से अध्ययन करने को कहा गया।

मतदान में इस्तेमाल होने वाली मतपेटियों को खोलने, बंद करने और सील करने की प्रक्रिया का भी व्यावहारिक अभ्यास कराया गया, ताकि मतदान के दिन किसी तरह की परेशानी न हो।

मतपेटी सील करने की प्रक्रिया का कराया गया अभ्यास (Img: Dynamite News)

मतदान अभिकर्ताओं को पास कैसे मिलेगा?

अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) रत्नप्रिया ने मतदान अभिकर्ताओं की नियुक्ति और पास जारी करने की प्रक्रिया समझाई। उन्होंने बताया कि मतदान अभिकर्ताओं को प्रारूप-10 लेकर आना होगा। पीठासीन अधिकारी अपने सामने इस प्रारूप पर हस्ताक्षर कराएंगे और फॉर्म जमा करने के बाद पास जारी करेंगे।

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इसके अलावा मतदान अधिकारी प्रथम, द्वितीय और तृतीय की जिम्मेदारियों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदान के दौरान हर अधिकारी अपनी भूमिका को ठीक से समझे और तय नियमों के अनुसार काम करे।

हर दो घंटे में देनी होगी मतदान की रिपोर्ट

जिला विकास अधिकारी गजेंद्र तिवारी ने जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट को उनके दायित्वों की जानकारी दी। उन्होंने निर्देश दिया कि मजिस्ट्रेट मतदान प्रक्रिया पर नजर रखेंगे और हर दो घंटे में पड़े मतों की जानकारी कंट्रोल रूम को भेजेंगे। मतदान के दौरान सूचनाओं का समय पर आदान-प्रदान और पूरी प्रक्रिया की निगरानी अहम रहेगी। इससे प्रशासन को मतदान की स्थिति की जानकारी मिलती रहेगी और जरूरत पड़ने पर समय रहते कदम उठाए जा सकेंगे।

रोल-प्ले से समझाई गई मतदान की पूरी प्रक्रिया

मास्टर ट्रेनर सत्यदेव पांडेय ने रोल-प्ले के माध्यम से मतदान की प्रक्रिया समझाई। उन्होंने बताया कि प्रथम मतदान अधिकारी मतदाता की पहचान सुनिश्चित करेगा। साथ ही मतदान के दौरान इस्तेमाल होने वाले अलग-अलग लिफाफों को तैयार करने का तरीका भी बताया गया।

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मास्टर ट्रेनर सुनील कुमार सिंह ने मतदान अधिकारी द्वितीय की जिम्मेदारियां समझाईं। उन्होंने बताया कि मतपत्र और अमिट स्याही की जिम्मेदारी इसी अधिकारी के पास होगी। इसके साथ ही टेंडर वोट और चैलेंज वोट से जुड़ी प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई, ताकि किसी विशेष परिस्थिति में कार्मिक नियमों के मुताबिक काम कर सकें।

70 कार्मिकों ने लिया प्रशिक्षण

प्रशिक्षण व्यवस्था देख रहे डॉ. जनार्दन राय के अनुसार, मतदान कार्मिकों के प्रशिक्षण में 52 और जोनल एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट के प्रशिक्षण में 18 कार्मिक शामिल हुए। इस तरह कुल 70 लोगों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। कार्यक्रम में पीपीटी तैयार करने और उसे संचालित करने में वकील अहमद और विपिन यादव ने सहयोग किया। वहीं प्रदीप यादव, नाजिर, कालिका पांडेय और रामतीर्थ ने बैठक व्यवस्था, प्रोजेक्टर और अन्य जरूरी इंतजाम संभाले।

जिला प्रशासन का कहना है कि मतदान कार्मिकों को हर चरण की जानकारी देकर चुनाव को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने की तैयारी की जा रही है। 

Location :  Sultanpur

Published :  12 October 2026, 9:22 PM IST